
आपणी हथाई न्यूज, इक्कीसवीं सदी के तीसरे दशक के मध्य तक आते आते आज का भारत सुपर पावर बनने की ऒर पग पसार रहा है, ऐसा इसलिए क्योंकि दुनिया के अधिकांश देश अमेरिका और चीन से हताश होकर अब भारत की ऒर आकर्षित हो रहें है।अमेरिका में ट्रम्प के टेरिफ़ नियमों से अनेक देश असहज हो गए है और चीन पर कोविड और ताइवान विवाद के कारण विश्वास लगातार कम हो रहा है।
आज भारत से दुनिया के करीब 45 देश फ्री ट्रेड एग्रीमेंट करने की जुगत में लगे हुए है। अगर ऐसा आगामी कुछ सालों में हो गया तो भारत की कम्पनियो और प्रोडक्टस को दुनिया के 45 देशों में सीधा अवसर मिलेगा, जिससे भारत की कम्पनियो का राजस्व बढ़ेगा और ग्लोबल डिमांड भी बढ़ेगी। भारत का निर्यात बढ़ेगा, विदेशी निवेश आएगा, जीडीपी ग्रोथ में इजाफा होगा और इससे प्रधानमंत्री मोदी के मेक इन इंडिया और आत्म निर्भर भारत अभियान को काफी बल मिलेगा।
मनोज रतन व्यास

