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Rajasthan : पंजाब मांग रहा राजस्थान से बकाया 1.44 करोड़ ! सीएम भगवंत मान के मंत्री की कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

Rajasthan आपणी हथाई न्यूज, पंजाब सरकार ने राजस्थान से सिंचाई और पेयजल के लिए उपलब्ध कराए गए नदी जल की एवज में 1.44 लाख करोड़ रुपये की जल रॉयल्टी बकाया होने का दावा किया है। पंजाब ने चेतावनी दी है कि यदि राजस्थान सरकार ने बकाया राशि का भुगतान नहीं किया तो नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पंजाब के अनुसार यह राशि वर्ष 1961 से 2025 तक इस्तेमाल किए गए नदी जल की रॉयल्टी के रूप में मांगी गई है।

राज्य सरकार के अधिकारियों के बीच हुए पत्राचार के मुताबिक पंजाब ने राजस्थान को बकाया रॉयल्टी के भुगतान के लिए कई बार पत्र भेजे हैं। इनमें 18 मार्च और 4 मई को भेजे गए पत्र भी शामिल हैं। पंजाब का कहना है कि इन बार-बार किए गए पत्राचार के बावजूद राजस्थान की ओर से अब तक भुगतान नहीं किया गया है। इस विवाद की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि वर्ष 1920 से जुड़ी है, जब बीकानेर रियासत, बहावलपुर और पंजाब के शासकों के बीच शिमला में जल बंटवारे को लेकर समझौता हुआ था।

पंजाब के अनुसार सिंधु जल संधि होने तक राजस्थान की ओर से जल की रॉयल्टी का भुगतान किया जाता रहा था। उस समय पंजाब की नदियों से उपलब्ध कराए गए पानी के लिए बीकानेर से प्रति एकड़ सालाना 6.50 रुपये की दर से शुल्क लिया जाता था। पंजाब सरकार ने वर्तमान दर 141.20 रुपये प्रति एकड़ प्रतिवर्ष के आधार पर बकाया राशि की गणना की है। इसमें औसतन 1 करोड़ एकड़-फीट पानी की मात्रा और 8 प्रतिशत ब्याज को भी आधार बनाया गया है।

पंजाब ने हरियाणा से भी नहरों के रखरखाव की बकाया राशि मांगी है। भाखड़ा मुख्य लाइन मंडल, पटियाला से 281.78 करोड़ रुपये और मानसा मंडल से 30.80 करोड़ रुपये की राशि का बिल भेजा गया है। पंजाब का कहना है कि हरियाणा ने भी वर्ष 2015-16 के बाद से नहर रखरखाव की राशि का भुगतान नहीं किया है। भाखड़ा नहर की कुल जल आवंटन क्षमता 12,455 क्यूसेक है, जिसमें हरियाणा का हिस्सा 63 प्रतिशत, पंजाब का 25 प्रतिशत, राजस्थान का 7 प्रतिशत, दिल्ली का 4 प्रतिशत और चंडीगढ़ का 1 प्रतिशत है।

इसी मामले में पंजाब के मुख्य सचिव केएपी सिन्हा ने हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी को पत्र लिखकर साझा नहरों के संचालन और रखरखाव के लिए पंजाब को देय 312.59 करोड़ रुपये का भुगतान करने की मांग की है। पंजाब के जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि सरकार ने लागू दरों के आधार पर राजस्थान की जल रॉयल्टी की गणना की है और इस संबंध में राजस्थान को दो बार पत्र भेजे जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि यदि राजस्थान रॉयल्टी का भुगतान नहीं करता है तो नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इससे पहले मार्च में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी वर्ष 1920 के त्रिपक्षीय समझौते के आधार पर राजस्थान सरकार से बकाया जल रॉयल्टी वसूलने की योजना की घोषणा की थी।



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