आपणी हथाई Bikaner न्यूज,हिरोशिमा दिवस के अवसर पर प्राणिविज्ञान विभाग, राजकीय डूंगर महाविद्यालय, बीकानेर एवं इंडियन सोसाइटी फॉर रेडियो बायोलॉजी के संयुक्त तत्वावधान में “रेडिएशन एवं पर्यावरण” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन महाविद्यालय के प्रताप सभागार में किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. अखिल रंजन ने की। संगोष्ठी के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में डूंगरगढ़ विधायक डॉ. ताराचंद सारस्वत उपस्थित रहे। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि पाश्चात्य दुष्प्रभावों से बचने के लिए हमें भारतीय संस्कृति एवं जीवन पद्धति की ओर लौटना होगा।
विशिष्ट अतिथियों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बीकानेर विभाग प्रचारक श्री विनायक, ड्यूश बैंक अमेरिका के निदेशक पंकज ओझा, कैंसर विशेषज्ञ डॉ. नीति शर्मा एवं सहायक निदेशक, कॉलेज शिक्षा बीकानेर संभाग डॉ. पुष्पेंद्र सिंह शेखावत मौजूद रहे।
कार्यक्रम के प्रारंभ में संगोष्ठी आयोजन सचिव डॉ. अर्चना पुरोहित ने संगोष्ठी की संकल्पना प्रस्तुत की। प्राणि विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. लीना शरण ने विभागीय गतिविधियों एवं रेडिएशन विषय पर हो रहे कार्यों की जानकारी दी।
महाविद्यालय प्राचार्य एवं संगोष्ठी के मुख्य संरक्षक डॉ. राजेंद्र कुमार पुरोहित ने स्वागत उद्बोधन में सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का अभिनंदन करते हुए पर्यावरण के प्रति सजगता एवं रेडिएशन से बचाव की जागरूकता पर बल दिया।
सहायक निदेशक डॉ. पुष्पेंद्र सिंह शेखावत ने शोधार्थियों को नवीन शोध का पेटेंट कराने के लिए प्रोत्साहित किया। विनायक ने देशी खान-पान एवं आध्यात्मिक चेतना के माध्यम से रेडिएशन के प्रभाव से बचने की सलाह दी। पंकज ओझा ने भारतीय ज्ञान परंपरा में निहित वैज्ञानिक सूत्रों को समझने की आवश्यकता बताई।
अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलगुरु प्रो. अखिल रंजन ने श्रीअन्न व देशी खानपान को अपनाकर बेहतर स्वास्थ्य बनाए रखने की बात कही।कार्यक्रम के अंत में आयोजन सचिव डॉ. आनंद कुमार खत्री ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
संगोष्ठी के अंतर्गत चार तकनीकी सत्रों का आयोजन किया गया, जिनमें प्रो. ममता शर्मा, डॉ. पंकज जोशी, डॉ. अथियमन एवं प्रो. अनिल छंगानी ने रेडिएशन एवं पर्यावरण पर व्याख्यान प्रस्तुत किए। साथ ही देशभर से आए संकाय सदस्यों एवं शोधार्थियों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए।संगोष्ठी का संचालन डॉ. सोनू शिवा एवं डॉ. शशिकांत आचार्य ने किया।

