Homeखटाखट स्टोरीBikaner : सूरसागर पर फिर खर्च होंगें 3.85 करोड़ रुपये, अब तक...

Bikaner : सूरसागर पर फिर खर्च होंगें 3.85 करोड़ रुपये, अब तक करोड़ों खर्च हुए लेकिन नही बन पाई बात, अब होंगें ये काम

Bikaner आपणी हथाई न्यूज, बीकानेर शहर की ऐतिहासिक पहचान मानी जाने वाली सूरसागर झील के कायाकल्प की दिशा में अब बड़ा कदम उठाया गया है। झील के सौंदर्यीकरण और जीर्णोद्धार के लिए 3.85 करोड़ रुपए की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी हो गई है। पर्यटन विभाग की ओर से राजस्थान टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर एंड कन्वेंशन फंड (आरटीआईसीएफ) मद से यह राशि स्वीकृत की गई है। परियोजना की कार्यकारी एजेंसी बीकानेर विकास प्राधिकरण (बीडीए) होगी।

योजना के तहत करीब 3 करोड़ रुपए सिविल एवं सौंदर्यीकरण कार्यों पर खर्च होंगे। इसमें सूरसागर परिसर में पाथवे यानी पैदल पथ, आकर्षक आर्च वॉल (मेहराबदार दीवार), स्टोन प्लाजा का निर्माण तथा ऐतिहासिक छतरियों का जीर्णोद्धार शामिल है। झील में जलभराव और गंदे पानी की निकासी की समस्या के स्थायी समाधान के लिए 30 लाख रुपए का विशेष प्रावधान किया गया है। इसके तहत सूरसागर झील से नाले तक पंपिंग मेन पाइपलाइन बिछाई जाएगी।

झील परिसर को रात के समय आकर्षक बनाने के लिए 46 लाख रुपए विद्युत एवं लाइटिंग (इल्युमिनेशन) कार्यों पर खर्च किए जाएंगे। वहीं 9 लाख रुपए आकस्मिक एवं गुणवत्ता नियंत्रण के लिए रखे गए हैं। योजना का उद्देश्य सूरसागर को बेहतर स्वरूप देने के साथ इसे शहरवासियों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनाना है।

रिपोर्ट के अनुसार पिछले करीब दो दशकों में भी सूरसागर के जीर्णोद्धार, सफाई और सौंदर्यीकरण पर नगर विकास न्यास और नगर निगम की ओर से करोड़ों रुपए खर्च किए जा चुके हैं। वर्ष 2007-08 में करीब 8 से 10 करोड़ रुपए खर्च कर सूरसागर को आधुनिक पर्यटन स्थल और पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई थी। इसके बाद झील से वर्षों पुरानी गाद निकाली गई, पक्की दीवारें व किनारे बनाए गए और छतरियां संवारी गईं। वर्ष 2013-14 में गंदे पानी को झील में आने से रोकने और वर्षाजल निकासी के लिए डीपीआर तैयार कर विभिन्न कार्य करवाए गए। करीब 18 वर्ष पहले भारी बारिश के बाद दीवारें ढहने और जलभराव की समस्या सामने आने पर करीब 1.21 करोड़ रुपए के कार्य भी करवाए गए थे। इसके बावजूद सूरसागर पर्यटन और स्थानीय लोगों के लिए अपेक्षित आकर्षण का केंद्र नहीं बन पाया।

इस बार काम की गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया गया है। पर्यटन विभाग के शासन उप सचिव सुरेश कुमार बुनकर की ओर से जारी स्वीकृति आदेश में कार्यकारी एजेंसी को सख्त दिशा-निर्देश दिए गए हैं। काम शुरू होने से पहले और पूरा होने के बाद साइट की स्पष्ट फोटोग्राफी पर्यटन विभाग को भेजनी होगी। हर महीने प्रगति और भौतिक सत्यापन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बाद ही अगली किस्त जारी होगी। साथ ही झील क्षेत्र में स्थित किसी भी धार्मिक स्थल के मूल स्वरूप में बदलाव या नया निर्माण नहीं किया जाएगा। कलेक्टर निशांत जैन के अनुसार सूरसागर के सौंदर्यीकरण के लिए बजट मिल चुका है और जल्द ही बीडीए की ओर से टेंडर प्रक्रिया पूरी कर काम शुरू कराया जाएगा।

 



ताजा खबर