
आपणी हथाई न्यूज, राजस्थान के बीकानेर जिले के खाजूवाला में एक प्रशासनिक अधिकारी को डराने-धमकाने और ब्लैकमेल करने का गंभीर मामला सामने आया है। खाजूवाला पंचायत समिति के तत्कालीन विकास अधिकारी (BDO) कृष्ण कुमार चावला ने अपने ही एक अधीनस्थ कर्मचारी और उसकी पत्नी के खिलाफ राजकार्य में बाधा डालने सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, यह विवाद तब शुरू हुआ जब विकास अधिकारी ने पंचायत समिति में कार्यरत कर्मचारी हंसराज सिंह शेखावत को उसकी लापरवाही और बार-बार अनुपस्थिति रहने पर नोटिस और आरोप पत्र (Charge Sheet) जारी किए थे। परिवादी कृष्ण कुमार चावला का आरोप है कि अनुशासनात्मक कार्रवाई से बचने के लिए आरोपी कर्मचारी और उसकी पत्नी सुमन कंवर ने उन्हें निशाना बनाना शुरू कर दिया। शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने अधिकारी को बदनाम करने के लिए सोशल मीडिया पर भ्रामक और अपमानजनक सामग्री प्रसारित की।
झूठी शिकायतें कर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का प्रयास किया। राजकीय कार्य में बाधा डाली और धमकियां दीं।
रास्ता रोककर अभद्रता और झूठी शिकायतें
दर्ज रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि 1 जुलाई 2025 को जब विकास अधिकारी अपने राजकीय कार्य से जा रहे थे, तब आरोपियों ने बीच रास्ते में उनका रास्ता रोका और उनके साथ अभद्रता की। इतना ही नहीं, आरोपियों द्वारा संभागीय आयुक्त कार्यालय में भी अधिकारी के खिलाफ शिकायत की गई थी, लेकिन विभागीय जांच में वे सभी आरोप असत्य पाए गए।
पुलिस की कार्रवाई और धाराए पुलिस अधीक्षक कार्यालय में डाक के जरिए प्राप्त हुए इस परिवाद पर कार्रवाई करते हुए खाजूवाला थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 132 (राजकार्य में बाधा), 356(2) (मानहानि), 3(5) व SC-ST एक्ट की संबंधित धारा में पुलिस ने मामला दर्ज कर अनुसंधान (Investigation) शुरू कर दिया है। इस पूरे प्रकरण की जांच वृत्ताधिकारी (CO) खाजूवाला को सौंपी गई है।


