

Rajasthan Water Project: राजस्थान के पश्चिमी इलाकों, विशेष रूप से जोधपुर सहित पांच जिलों के करीब 70 लाख लोगों और हजारों औद्योगिक इकाइयों के लिए बेहद अहम राजीव गांधी लिफ्ट केनाल प्रोजेक्ट का तीसरा फेज फिर एक बार देरी का शिकार हो गया है। मई 2025 तक पूरा होने वाला यह प्रोजेक्ट अब दिसंबर 2025 तक खिंचने की संभावना है।
इस देरी के पीछे कारण मजदूरों की कमी बताया जा रहा है। सर्किट हाउस में जब केन्द्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने जलदाय विभाग के अधिकारियों की बैठक ली तो यह बात सामने आई। पाइप लाइन के साथ सात पम्प हाउस भी बनाए जा रहे हैं, जिसमें भी पानी को लिफ्ट कर पाइप लाइन से जोधपुर लाया जाएगा।
पहला पम्प हाउस मदासर के समीप ही बन रहा है। यह इलाका पूरी तरह से रेगिस्तानी है। यहां मजदूर नहीं रुक रहे। इसी कारण वहां काम सबसे धीमी गति से चल रहा है। अतिरिक्त मुख्य अभियंता प्रोजेक्ट नक्षत्र सिंह चारण ने बताया कि कम्पनी समय काम नहीं कर रही, इसलिए नोटिस दिए गए हैं।
इसके अलावा देरी के कारण जुर्माना भी लगाया जाएगा। प्रोजेक्ट की खासियत के बारे में बात करें तो 200 किमी पानी पाइप लाइन के जरिए मदासर से जोधपुर पहुंचेगा। 1355 करोड़ के कार्यादेश जारी हो चुके हैं। 6 शहर व 2100 से ज्यादा गांव इससे लाभान्वित होंगे। 1534 एमसीएफटी पानी का मदासर में रिजर्वायर होगा।
7 जगह पम्प हाउस का निर्माण किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि जनता जल योजना में हैंडपम्प व अन्य पानी के स्रोतों पर भी काम करना होगा। क्योंकि सिर्फ लिफ्ट केनाल के भरोस नहीं रहा जा सकता। इस पर उन्होंने जेजेवाईएम की समीक्षा भी की।


