Rajasthan News: राजस्थान, जो प्रायः सूखे और जल संकट के लिए जाना जाता है, इस बार मानसून के कारण बांधों में जल भराव की स्थिति मेंरिकॉर्ड सुधार देखने को मिल रहा है। 12 जुलाई 2025 तक राज्य के बांधों में औसतन 58.38% जल भराव हो चुका है, जो पिछले साल की तुलना में 15% अधिक है।
यह राज्य के लिए राहत की खबर है, खासकर जल संसाधनों के संरक्षण और भविष्य की आपूर्ति को लेकर। पिछले 24 घंटे में पांच और बांध लबालब हुए। अब तक 213 सूखे बांधों में पानी की आ चुका है और 76 बांध लबालब हो गए। वहीं, 406 बांध आंशिक रूप से भरे हैं।
खास यह है कि जयपुर संभाग के बांधों में कुल भराव क्षमता का 55.09 प्रतिशत, भरतपुर संभाग के बांधों में 43.93 प्रतिशत, कोटा संभाग के बांधों में 79.25 प्रतिशत पानी आ चुका है। हालांकि, जोधपुर संभाग के बांधों में अभी भी 17.07 प्रतिशत पानी पहुंचा है। इसी तरह बांसवाड़ा संभाग में 58.19 प्रतिशत और उदयपुर संभाग के बांधों में 35.85 प्रतिशत पानी आया है।
देश के बांधों से हर साल 12 हजार मिलियन क्यूसेक पानी व्यर्थ बहकर समुद्र में जा रहा है। इनमें कुछ बांध राजस्थान के भी हैं। यह इतना पानी है कि जिससे बीसलपुर बांध को 11 बार भरा जा सकता है। बांधों की ऊंचाई बढ़ाना, नए बांध निर्माण, मौजूदा बांधों में भरी मिट्टी निकालकर स्टोरेज क्षमता बढ़ाने पर काम हो तो राज्य की आठ करोड़ जनता के लिए कुल बांध भराव क्षमता का करीब 75 प्रतिशत अतिरिक्त पानी सहेज सकते हैं।
इसी आधार पर जल संसाधन विभाग मानसून के बाद विशेषज्ञों के साथ चर्चा करेगा। यदि समय रहते बांधों की क्षमता और प्रबंधन को वैज्ञानिक तरीके से सुधारा गया, तो यह राज्य को जल संकट से स्थायी मुक्ति दिला सकता है।


