

आपणी हथाई न्यूज, राजस्थान की हनुमान बेनीवाल की सुरक्षा व्यवस्था में कटौती किए जाने के बाद प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। भजनलाल शर्मा सरकार द्वारा शुक्रवार को जयपुर पुलिस आयुक्तालय से जुड़े तीन निजी सुरक्षा अधिकारियों (पीएसओ) को हटाए जाने के बाद बेनीवाल ने सरकार पर तीखा हमला बोला।
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) प्रमुख ने कहा कि उन्होंने कभी सरकार से सुरक्षा की मांग नहीं की थी और राजस्थान के हजारों युवा ही उनकी सुरक्षा के लिए काफी हैं। उन्होंने दावा किया कि सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा विवाद के दौरान तत्कालीन खुफिया अधिकारियों की ओर से उनकी सुरक्षा बढ़ाई गई थी, क्योंकि उन्होंने कई प्रभावशाली गिरोहों और कथित माफियाओं के खिलाफ आवाज उठाई थी।
बेनीवाल ने बताया कि पहले उनकी सुरक्षा में जयपुर से एके-47 से लैस कमांडो और नागौर से अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी लगाए गए थे। कुल आठ जवान तैनात थे, जिनमें कुछ उनके आवास पर और कुछ हर समय उनके साथ रहते थे। उन्होंने सवाल उठाया कि जब उन्होंने सुरक्षा मांगी ही नहीं थी तो पहले सुरक्षा किस आधार पर दी गई और अब आखिर किस वजह से हटाई जा रही है।
आरएलपी प्रमुख ने राज्य सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने हालिया आंदोलनों और जयपुर में हुए घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि सरकार तनावपूर्ण माहौल बनाना चाहती थी। बेनीवाल ने कहा कि कुछ लोगों ने ईद के दौरान माहौल खराब करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने संयम बरतते हुए विवाद को बढ़ने नहीं दिया।
उन्होंने दावा किया कि सरकार उन्हें आंदोलनकारियों के साथ जोड़कर राजनीतिक फायदा लेना चाहती थी, लेकिन उनकी पार्टी ने शांति और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने का काम किया। बेनीवाल ने कहा कि जनता का समर्थन ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है और उन्हें सरकारी सुरक्षा की जरूरत नहीं है।


