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धर्मधारा : आज सावन का पहला सोमवार और नागपंचमी एक साथ, जानें शिव और नाग देवता की कृपा पाने के अचूक उपाय

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धर्मधारा आपणी हथाई न्यूज, आज का दिन शिव भक्तों और श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत शुभ और फलदायी है। सावन महीने का प्रथम सोमवार और नागपंचमी का पावन पर्व आज एक साथ मनाया जा रहा है। यह एक बेहद दुर्लभ और शुभ संयोग है, जिसमें भगवान शिव और नाग देवता दोनों की एक साथ कृपा प्राप्त की जा सकती है।

अलग-अलग मान्यताओं का अनूठा संगम
राजस्थान सहित देश के कई राज्यों में नागपंचमी का पर्व श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी को मनाया जाता है, जबकि कुछ स्थानों पर इसे सावन के शुक्ल पक्ष की पंचमी को मनाने की परंपरा है। लेकिन संयोग से इस बार कृष्ण पक्ष की पंचमी सावन के पहले सोमवार के दिन ही पड़ रही है, जिससे इस दिन का आध्यात्मिक महत्व कई गुना बढ़ गया है।

काल सर्प दोष से मुक्ति के अचूक उपाय
इस विशेष दिन पर नाग देवता को प्रसन्न करने और कुंडली में मौजूद ‘काल सर्प दोष’ से मुक्ति पाने के लिए विशेष उपाय किए जा सकते हैं। इस दिन श्रद्धालुओं को निम्न उपाय करने चाहिए:

* नाग देवता का विधिवत पूजन करें।
* भगवान शिव की विशेष आराधना करें।
* ‘श्री सर्प सूक्त’ का श्रद्धापूर्वक पाठ करें।
* किसी पवित्र नदी या बहते जल में चांदी के नाग-नागिन का जोड़ा प्रवाहित करें।

रुद्राभिषेक से दूर होंगे ग्रह दोष और रोग
भगवान आशुतोष (शिव) को वैसे तो पूरा सावन महीना ही प्रिय है, लेकिन इसमें सोमवार का दिन उन्हें अतिप्रिय है। आज सच्चे मन से शिवजी की आराधना करने, व्रत रखने और शिवलिंग पर जलाभिषेक करने से भक्तों के सभी कष्ट दूर होते हैं और मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।

ज्योतिषाचार्य एवं कर्मकांडी पंडित ब्रज मोहन पुरोहित के अनुसार, सावन के पहले सोमवार के दिन विशेष द्रव्य के रूप में दूध से रुद्राभिषेक (पहला स्नान) करना अत्यंत श्रेष्ठ माना गया है। किसी योग्य ब्राह्मण द्वारा दूध से रुद्राभिषेक करवाने से कुंडली में चंद्रमा जनित ग्रह दोष समाप्त होते हैं, पुत्र प्राप्ति की मनोकामना पूर्ण होती है और मधुमेह (डायबिटीज) जैसे गंभीर रोगों से भी निवृत्ति मिलती है।

हर हर महादेव!

(धार्मिक अनुष्ठान एवं ज्योतिषीय परामर्श के लिए संपर्क करें: पंडित ब्रज मोहन पुरोहित – 9983826856)



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