
Bikaner आपणी हथाई न्यूज, सोलर कंपनियों से कथित तौर पर करोड़ों रुपए की वसूली और खेजड़ी कटाई से जुड़े मामलों ने पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस जांच में दो आईपीएस, एक आईएएस और चार आरपीएस अधिकारियों के नाम सामने आने की बात सामने आई है। आरोप है कि सोलर कंपनियों और खेजड़ी माफिया के बीच कथित सांठगांठ के जरिए बड़ी रकम की वसूली की गई। शिकायत में करीब 200 करोड़ रुपए की कथित वसूली का आरोप लगाया गया है, जबकि करीब 40 करोड़ रुपए से अधिक के लेन-देन का भी उल्लेख है। हालांकि, आरोपों की वास्तविकता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
मामले में पवन सिंह बीकानेर पुलिस रेंज में सीआई (पुलिस निरीक्षक) के पद पर कार्यरत हैं और उन्हें इस प्रकरण की जांच से जोड़ा गया है। उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार, जांच को लेकर पवन सिंह से तीन बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा गया था। आरोप है कि अंतिम अवसर दिए जाने के बावजूद उनका जवाब नहीं मिला। वहीं, जांच के दौरान उनके पिछले करीब छह माह से जांच अधिकारी के रूप में उपस्थित नहीं होने तथा मुख्यालय की ओर से चार अनुस्मारक भेजे जाने के बावजूद कार्रवाई आगे नहीं बढ़ने की बात भी सामने आई है।

मामला एक गोपनीय शिकायत के बाद सामने आया। शिकायत के आधार पर राज्य सरकार को जांच के लिए पत्र भेजा गया था। इसके बाद बीकानेर रेंज स्तर पर भी मामले की जांच करवाई गई। शिकायत में सोलर कंपनियों से कथित वसूली, खेजड़ी कटाई और इसमें कुछ पुलिस अधिकारियों की भूमिका को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। जांच में इन आरोपों से जुड़े तथ्यों और कथित लेन-देन की पड़ताल की जा रही है।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2025 में पवन सिंह ने एक कंस्ट्रक्शन कंपनी में आपराधिक गिरोह से जुड़े लोगों को शामिल किया। आरोप है कि संबंधित लोगों ने कंपनी पर दबाव बनाया और इसके बाद सोलर कंपनियों से जुड़े मामलों में कथित तौर पर बड़ी रकम का लेन-देन हुआ। शिकायत में सोलर कंपनियों और खेजड़ी से जुड़े लोगों के बीच कथित सांठगांठ की भी बात कही गई है। इन सभी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
मामले से जुड़े दस्तावेजों में शिकायतकर्ता के पिता की ओर से भी जांच अधिकारी को लेकर सवाल उठाए गए हैं। उनके अनुसार संबंधित अधिकारी पिछले करीब छह माह से घर नहीं आए और फोन करने पर भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला। दूसरी ओर, पुलिस की ओर से मामले को गंभीर मानते हुए जांच जारी रखने की बात सामने आई है।
पूरे प्रकरण में सबसे अहम सवाल अब यह है कि सोलर कंपनियों से कथित वसूली के आरोपों में किन लोगों की भूमिका रही और जांच में सामने आए दो आईपीएस, एक आईएएस और चार आरपीएस अधिकारियों के नामों का इस पूरे मामले से क्या संबंध है। जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की वास्तविकता और जिम्मेदारी तय हो सकेगी। फिलहाल मामला जांच के दायरे में है और किसी अधिकारी को दोषी ठहराना जांच के अंतिम निष्कर्ष से पहले उचित नहीं होगा।



