
Politics आपणी हथाई न्यूज, शुक्रवर को राजस्थान के बगरू विधानसभा क्षेत्र में सरकारी स्कूल के निरीक्षण को लेकर विवाद गहरा गया है। राजकीय प्राथमिक विद्यालय, रामपुरा कंवरपुरा में निरीक्षण करने पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के कार्यकर्ताओं और स्थानीय ग्रामीणों के बीच कथित हिंसक झड़प के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। सीजेपी ने घटना को गंभीर बताते हुए शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। पार्टी ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी के साथ स्कूलों में प्रवेश और मीडिया कवरेज से जुड़े प्रतिबंध हटाने की मांग की है।

सीजेपी का दावा है कि उसकी टीम स्कूल भवन की जर्जर स्थिति और विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाओं का जायजा लेने पहुंची थी। पार्टी के मुताबिक मुख्य भवन की हालत खराब होने के कारण बच्चों को करीब 50 मीटर दूर टीनशेड के नीचे अस्थायी व्यवस्था में पढ़ाया जा रहा है। इसी स्थिति का निरीक्षण और दस्तावेजीकरण करने के दौरान विवाद शुरू होने का आरोप लगाया गया है।

लाठी-डंडों और पत्थरों से हमले का आरोप
सीजेपी के अनुसार शुक्रवार सुबह टीम के स्कूल पहुंचते ही कुछ स्थानीय लोगों ने कथित तौर पर लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला कर दिया। पार्टी ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका के साथ मारपीट की गई और उनके कपड़े फाड़ दिए गए। एक कार्यकर्ता का हाथ टूटने का भी दावा किया गया है। इसके अलावा वाहनों के शीशे तोड़ने, मोबाइल फोन छीनकर क्षतिग्रस्त करने और एक महिला कार्यकर्ता के साथ बदसलूकी के आरोप भी लगाए गए हैं।
ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से रास्ता रोकने का दावा
पार्टी का आरोप है कि निरीक्षण की जानकारी मिलने के बाद कुछ स्थानीय लोगों ने सुबह से ही ट्रैक्टर-ट्रॉलियां खड़ी कर रास्तों को बाधित कर दिया था। सीजेपी ने पूरे घटनाक्रम को पूर्व नियोजित हमला बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। हालांकि, घटना के दूसरे पक्ष के आरोपों और पुलिस की जांच संबंधी विस्तृत जानकारी सामने आना अभी बाकी है।
48 घंटे का अल्टीमेटम, आंदोलन की चेतावनी
सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने घटना को लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताते हुए शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के इस्तीफे की मांग की है। उनका कहना है कि यदि 48 घंटे के भीतर कथित हमले के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई और स्कूलों में प्रवेश तथा मीडिया कवरेज से संबंधित प्रतिबंध वापस नहीं लिए गए तो पार्टी राजस्थानभर में व्यापक आंदोलन शुरू करेगी। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बताया जा रहा है, जबकि स्कूलों की स्थिति और निरीक्षण को लेकर भी राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।



