
Politics आपणी हथाई न्यूज, बीकानेर नगर निगम के महापौर चुनाव को लेकर बुधवार को कांग्रेस के भीतर चल रहा सस्पेंस एक बड़े सियासी मोड़ में बदल गया। कांग्रेस ने जहां अनिल कल्ला को अपना अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर पार्टी का सिंबल सौंप दिया है, वहीं कांग्रेस के ही निर्वाचित पार्षद नवरतन डागा ने महापौर पद के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया। डागा अपने समर्थकों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे और पर्चा दाखिल किया। इस घटनाक्रम ने महापौर चुनाव में कांग्रेस के सामने नया समीकरण खड़ा कर दिया है।
बीकानेर नगर निगम में कांग्रेस के पास 42 पार्षद हैं, जबकि भाजपा के 27 और 10 निर्दलीय पार्षद हैं। ऐसे में कांग्रेस के पास बहुमत का आंकड़ा मौजूद है, लेकिन डागा की दावेदारी के बाद अब पार्टी के भीतर पार्षदों को एकजुट रखने और अधिकृत प्रत्याशी के पक्ष में मतदान सुनिश्चित करने की रणनीति अहम हो गई है। महापौर का चुनाव 21 सितंबर को होना है और इसमें निगम के निर्वाचित पार्षद मतदान करेंगे।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि नवरतन डागा का नामांकन अंतिम समय तक कायम रहता है या पार्टी के भीतर कोई समझौता निकलता है। यदि दोनों नाम मैदान में रहते हैं तो कांग्रेस के पार्षदों के बीच होने वाली राजनीतिक खींचतान चुनाव की तस्वीर को और दिलचस्प बना सकती है। दूसरी ओर भाजपा की नजर भी कांग्रेस के भीतर बने इस समीकरण पर रहेगी। नामांकन पत्रों की जांच 17 सितंबर को होगी और 18 सितंबर को दोपहर 3 बजे तक नाम वापस लिए जा सकेंगे।


