
Politics आपणी हथाई न्यूज, बीकानेर नगर निगम के प्रथम नागरिक यानी महापौर के चुनाव को लेकर शहर की सियासत निर्णायक दौर में पहुंच गई है। 21 सितंबर को होने वाले महापौर चुनाव के लिए बुधवार, 16 सितंबर को नामांकन दाखिल करने का अंतिम दिन है। मंगलवार को नामांकन के पहले दिन किसी प्रत्याशी ने पर्चा दाखिल नहीं किया था। अब आज दोनों प्रमुख दलों के प्रत्याशियों की तस्वीर पूरी तरह साफ होने की उम्मीद है। चुनाव कार्यक्रम के अनुसार 17 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 18 सितंबर को दोपहर 3 बजे तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। हालांकि मंगलवार को भगवान सिंह मेड़तिया के नाम को लेकर शहर में चर्चा रही।
वही अब भाजपा ने महापौर पद के लिए डॉ. सुरेंद्र सिंह शेखावत के नाम की घोषणा कर दी है। शेखावत वार्ड 13 से भाजपा के निर्वाचित पार्षद हैं। दूसरी ओर कांग्रेस में महापौर पद के लिए अनिल कल्ला और नवरतन डागा के नाम को लेकर अंतिम फैसला चर्चा का केंद्र बना हुआ है। जानकारी के मुताबिक अनिल कल्ला का नाम प्रमुख दावेदारों में है, जबकि नवरतन डागा सहित अन्य नाम भी पार्टी के भीतर चर्चा में रहे हैं।
बीकानेर नगर निगम के 80 वार्डों के चुनाव परिणाम में कांग्रेस ने 42 सीटों के साथ बहुमत हासिल किया है, जबकि भाजपा को 27 सीटें मिली हैं और शेष सीटों पर निर्दलीय व अन्य दलों के पार्षद निर्वाचित हुए हैं। ऐसे में महापौर चुनाव में दलों के अधिकृत प्रत्याशियों के अलावा निर्दलीय पार्षदों की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। भाजपा की ओर से अपने प्रत्याशी के पक्ष में निर्दलीय और अन्य पार्षदों के समर्थन का दावा किया जा रहा है, हालांकि मतदान से पहले इन दावों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं है।
कांग्रेस के भीतर यदि अनिल कल्ला के नाम पर अंतिम मुहर लगती है तो नवरतन डागा की अगली रणनीति पर भी नजर रहेगी। स्थानीय सियासी चर्चाओं में उनके निर्दलीय रूप से मैदान में उतरने की संभावना जताई जा रही है, लेकिन इसे लेकर अंतिम स्थिति नामांकन और बाद में नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। नवरतन डागा वार्ड 50 से कांग्रेस के निर्वाचित पार्षद हैं। हालांकि अब तक के घटनाक्रम के लिहाज से ऐसी स्थिति देखने को शायद ही मिले,लगभग अनिल कल्ला तय ही है।
महापौर चुनाव में दोनों ही खेमों के सामने पार्षदों को एकजुट रखने की चुनौती भी रहेगी। राजनीतिक हलकों में क्रॉस वोटिंग या मतदान के दौरान अलग रुख अपनाने जैसी संभावनाओं पर चर्चा जरूर है, लेकिन अभी इसे लेकर कोई आधिकारिक स्थिति सामने नहीं आई है। ऐसे में 16 सितंबर के नामांकन, 17 सितंबर की जांच और 18 सितंबर की नाम वापसी के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि महापौर पद का मुकाबला कितने प्रत्याशियों के बीच रह जाता है। फिलहाल बीकानेर में महापौर की कुर्सी को लेकर सियासी हलचल तेज है और हर नजर आज होने वाले नामांकन पर टिकी है।


