

Politics आपणी हथाई न्यूज, पूर्व सिंचाई मंत्री और राजस्थान भाजपा के कद्दावर नेता देवी सिंह भाटी ने राजस्थान में गोचर, ओरण और सार्वजनिक उपयोग की भूमि के संरक्षण को लेकर राज्य सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की है। भाटी ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, मुख्य सचिव, राजस्व एवं उपनिवेशन मंत्री तथा राजस्व मंडल के अध्यक्ष को पत्र भेजकर पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में जारी विवादित आदेशों को तत्काल निरस्त करने का आग्रह किया है।
भाटी के अनुसार 23 सितंबर 2021 को राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, 1956 की धाराओं की व्याख्या के आधार पर आदेश जारी किया गया था। इसके बाद राजस्व विभाग ने 17 अप्रैल 2025 और 1 सितंबर 2025 को स्पष्टीकरण आदेश जारी किए। भाटी ने इन आदेशों पर सवाल उठाते हुए कहा कि गोचर और चारागाह भूमि को केवल राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज जमीन के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, क्योंकि इनका संबंध पशुधन, पर्यावरणीय संतुलन, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और राजस्थान की पारंपरिक जीवनशैली से है।
उन्होंने अपने पत्र में न्यायालयों के विभिन्न फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि विकास कार्यों के लिए सरकारी अथवा निजी भूमि का अधिग्रहण किया जा सकता है, लेकिन सदियों से संरक्षित गोचर भूमि को समाप्त करना उचित नहीं है। भाटी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का उल्लेख करते हुए सरकार से गोचर, ओरण, तालाब, पायतन और बाड़बंदी जैसी पारंपरिक सार्वजनिक भूमि के संरक्षण के लिए प्रभावी और स्थायी नीति बनाने की अपील की है।



