Rajasthan Weather आपणी हथाई न्यूज, राजस्थान में मानसून एक बार फिर सक्रिय है और मंगलवार को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर तेज रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र और बीकानेर से होकर गुजर रही मानसून ट्रफ के प्रभाव से पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में बारिश होगी। कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़, भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़ में भारी बारिश के साथ मेघगर्जन, वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है। दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में एक-दो स्थानों पर अति भारी बारिश भी हो सकती है।
जयपुर, भरतपुर, उदयपुर, अजमेर सहित कई संभागों में भी बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। उदयपुर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ और आसपास के इलाकों में बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है। वहीं जयपुर, दौसा, करौली, राजसमंद, सलूंबर, सवाई माधोपुर और सिरोही समेत कई जिलों में वज्रपात तथा 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाओं का येलो अलर्ट जारी किया गया है। पश्चिमी राजस्थान में बारिश अपेक्षाकृत कम रहेगी, लेकिन बीकानेर और जोधपुर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। बालोतरा, चूरू, जालोर, जोधपुर, नागौर, पाली और श्रीगंगानगर में भी मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं की चेतावनी है।
मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में बारिश का यह दौर ज्यादा लंबे समय तक नहीं चलेगा। 12 अगस्त के बाद बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है, जबकि 14 और 15 अगस्त से मानसून के कमजोर पड़ने के संकेत हैं। ऐसे में फिलहाल राजस्थान के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में भारी बारिश का खतरा बना हुआ है, जबकि पश्चिमी राजस्थान में स्थानीय स्तर पर बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।


