Rajasthan Elections: राजस्थान में पंचायत और शहरी निकाय चुनाव को लेकर लंबे समय से चल रही अटकलें अब निर्णायक मोड़ पर हैं। राज्य सरकार दिसंबर 2025 तक वन स्टेट वन इलेक्शन की दिशा में बड़ा कदम उठा सकती है, जिसके तहत पंचायती राज और नगर निकाय चुनाव एक साथ कराए जाने की योजना है।
हाईकोर्ट भी सरकार से पूछ चुकी है कि 6 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों में चुनाव कब कराए जाएंगे. अब चर्चा है कि प्रदेश में दिसंबर 2025 तक पंचायती राज और शहरी निकायों के चुनाव एक साथ कराए जा सकते हैं.
पंचायती राज संस्थाओं के पुनर्गठन को लेकर बनी कैबिनेट सब कमेटी जल्द सरकार को रिपोर्ट सौंपेगी. इसके बाद अंतिम फैसला मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को लेना है. दरअसल, भजनलाल सरकार वन स्टेट वन इलेक्शन की दिशा में लगातार काम कर रही है.
इसके तहत सरकार तैयारियों में जुटी हुई है. सरकार का मानना है कि एक साथ चुनाव कराने से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि प्रशासनिक समन्वय भी बेहतर होगा. इसके अलावा, बार-बार आचार संहिता लागू होने से विकास कार्यों में होने वाली रुकावट भी कम होगी. यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा कह चुके हैं कि पंचायत के साथ निकायों में चुनाव से प्रक्रिया सरल होगी और संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा.
अब तमाम सवालों और कयासों के बीच कैबिनेट सब कमेटी के सदस्य अविनाश गहलोत ने कहा कि 15 से 20 दिनों में सीएम को रिपोर्ट सौंपी जाएगी. इसके बाद अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री स्तर पर होगा और रिपोर्ट के आधार पर चुनाव कार्यक्रम तय होगा. पंचायती राज संस्थाओं के पुनर्गठन रिपोर्ट में नए परिसीमन, वार्ड निर्धारण और जिला परिषदों की संरचना पर भी सुझाव होंगे.
जानकारी के अनुसार, प्रदेश में ग्राम पंचायतों की सीमा निर्धारण किया गया है. कई जगह नई पंचायतों को जोड़ा गया है. साथ ही कई जिलों में पुरानी पंचायतों को खत्म भी कर दिया. साथ ही कई गांवों को शहरी सरकार, जैसे नगर परिषद या नगर नगर निएगाम का हिस्सा बनाया है. इससे पहले एक जनहित याचिका पर सुनवाई के करते हुए हाईकोर्ट ने सरकार से पंचायत चुनाव को लेकर जवाब मांगा था.
जिस पर अप्रैल महीने में राज्य सरकार ने शपथपत्र दाखिल किया था, जिसमें बताया कि पंचायतों और नगरपालिकाओं के पुनर्गठन और परिसीमन की प्रक्रिया जारी है. जो मई और जून तक चलेगी. इसके बाद ही पंचायत चुनाव की तारीखें तय की जाएंगी.


