Rajasthan Kabir Yatra 2025 आपणी हथाई न्यूज, राजस्थान कबीर यात्रा को लेकर इस बार संकट के बादल मंडराने लगे है। 1 अक्टूबर से 5 अक्टूबर के बीच प्रस्तावित इस यात्रा में प्रचार-प्रसार में जमकर पैसा बहाया जा रहा है। बीकानेर प्रशासन भी इस आयोजन का हिस्सा है लेकिन राजस्थान कबीर यात्रा और उससे जुड़े आयोजकों पर गंभीर आरोप लगे है। इतना ही नही गुपचुप तरीके से कबीर यात्रा कॉन्सेप्ट को मलंग नाम की संस्था बनाकर उसमें शिफ्ट करने पर भी सवालिया निशान उठ गए है।
दरसअल, लोकायन संस्थान के चर्चित आयोजन ” राजस्थान कबीर यात्रा” को लेकर संस्थान से जुड़े कुछ सदस्यों ने संस्था के हितों की रक्षा हेतु जिला न्यायाधीश अतुल कुमार सक्सेना के यहां वाद प्रस्तुत किया है।
लोकायन संस्था के चन्द्रकुमार और रोहित बोड़ा ने कबीर यात्रा के आयोजकों सचिव गोपाल सिंह चौहान और अध्यक्ष महावीर स्वामी पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया है कि आपसी मिलीभगत से गंभीर वित्तीय अनियमितताओं, मनमर्जी के निर्णयों और कूटरचित दस्तावेजों के चुनाव करवाने जैसे आरोप शामिल है।
इसके अलावा इन्होंने मलंग फोक फाउंडेशन द्वारा अनाधिकृत रूप से आयोजित की जा रही राजस्थान कबीर यात्रा पर रोक लगाने की भी मांग की गई है। इस मामलें में सभी पक्षों को नोटिस जारी कर सोमवार 29 सितम्बर को जिला न्यायालय सुनवाई करेगा।
क्या है आरोप
राजस्थान कबीर यात्रा के विवाद में अनियमितता, संस्था के नियमों को ताक पर रखकर मनमाने और एकतरफा निर्णय और संस्था के अहित के कार्य के आरोप लगाए गए हैं। आपकों बता दे कि 2012 से शुरू हुई राजस्थान कबीर यात्रा अब तक लोकायन संस्थान द्वारा आयोजित की जाती रही हैं। अब अचानक से मलंग फोक फाउंडेशन की बीकानेर में बढ़ती सक्रियता से लोकायन से जुड़े लोगों को हैरानी हुई है। अब देखने वाली बात ये है कि क्या वाकई में आयोजकों ने खुद को लाभ पहुंचाने के लिए ऐसा कोई कबाड़ा किया है जिससे राजस्थान कबीर यात्रा पर संकट आ गया है ।


