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Bikaner : अतिक्रमण हटाने गए निगम कर्मियों पर हमले के दोषियों को जेल और जुर्माना

आपणी हथाई बीकानेर न्यूज,  करीब 11 साल पुराने एक चर्चित मामले में न्याय का फैसला सुनाते हुए बीकानेर के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-1 ने नगर निगम के दस्ते पर हमला करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने वाले आरोपियों को कड़ी सजा सुनाई है। कोर्ट ने चार दोषियों को जेल की सजा के साथ आर्थिक दंड से भी दंडित किया है, जबकि एक अन्य आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया।

घटना का विवरण और पृष्ठभूमि
यह मामला 17 जून 2015 का है, जब सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में लेडी एल्गिन स्कूल के पास नगर निगम का दस्ता अतिक्रमण हटाने पहुंचा था। नगर निगम कर्मचारी गोपालराम की रिपोर्ट के अनुसार, सुबह लगभग 7 बजे जब टीम कार्रवाई कर रही थी, तब भीड़ ने एकजुट होकर राजाराम बिश्नोई, अनिल आचार्य और श्रीगोपाल सहित अन्य कर्मचारियों पर जानलेवा हमला कर दिया। उपद्रवियों ने न केवल कर्मियों के साथ मारपीट की और उनके कपड़े फाड़े, बल्कि निगम की जेसीबी मशीनों और ट्रैक्टरों में भी जमकर तोड़फोड़ की।

अदालत का फैसला और सजा
न्यायालय ने अभियोजन पक्ष के 27 गवाहों के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर चार लोगों को दोषी करार दिया। मुख्य आरोपी मोहम्मद हारुन खोखर और कैलाश सोनी को दो-दो साल के कारावास और 7000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। वहीं, विशाल भार्गव उर्फ छोटू और अख्तर सैयद को एक-एक साल की जेल और 3000 रुपये जुर्माने से दंडित किया गया। आरोपी प्रतापसिंह को कोर्ट ने दोषमुक्त कर दिया।

न्यायालय की तल्ख टिप्पणी
फैसला सुनाते समय अदालत ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि अतिक्रमण एक गंभीर सामाजिक बुराई बन चुका है। निगम कर्मचारी बिना किसी व्यक्तिगत स्वार्थ के अपनी ड्यूटी निभा रहे थे। राज्य की संप्रभु शक्ति का प्रयोग करने वाले लोकसेवकों के साथ अभद्र व्यवहार और मारपीट कतई बर्दाश्त नहीं की जा सकती। कोर्ट ने उम्मीद जताई कि इस सजा से समाज में कड़ा संदेश जाएगा ताकि भविष्य में कोई भी कानून को हाथ में लेने का दुस्साहस न करे।

 



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