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नारी शक्ति वंदन अधिनियम : ‘आधी आबादी’ के सपनों को पंख देने की हुंकार, बीकानेर में गूंजी बदलाव की आवाज

आपणी हथाई न्यूज,लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि राष्ट्र की उन्नति की अनिवार्य शर्त है। स्थानीय ‘आरती मेक ओवर एकेडमी’ में आयोजित ‘आधी आबादी की पूरी बात’ टॉक शो के दौरान यह स्वर प्रखरता से उभरा। अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत (महिला आयाम) की जोधपुर प्रांत प्रमुख श्रीमती सरोज बिस्सा ने दो-टूक शब्दों में कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ केवल एक कानून नहीं, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा, स्वावलंबन और आर्थिक सशक्तिकरण का मार्ग है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि इस अधिनियम को पारित करने में देरी करना भारत की आधी आबादी के सपनों पर प्रहार करने जैसा है।

कुशल प्रबंधन और नेतृत्व की मिसाल

​टॉक शो में वक्ताओं ने महिला नेतृत्व की सक्षमता पर जोर देते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण का उदाहरण दिया। सामाजिक कार्यकर्ता राजकुमारी व्यास ने कहा कि जिस तरह एक स्त्री घर का कुशल प्रबंधन करती है, उसी कुशलता से वह देश की अर्थव्यवस्था को वैश्विक ऊंचाइयों पर ले जा रही हैं। वहीं, पुष्करणा महिला मंडल की संस्थापक श्रीमती अर्चना थानवी ने विश्वास जताया कि महिलाएं ‘माइक्रो मैनेजमेंट’ में माहिर हैं और वे विधायिका से लेकर कार्यपालिका तक हर जिम्मेदारी निभाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

परतंत्रता की बेड़ियों को तोड़ने का आह्वान

​कार्यक्रम के दौरान राजनीतिक स्वार्थों और रूढ़िवादी जकड़न पर भी तीखा प्रहार किया गया। श्रीमती शारदा पुरोहित ने आश्चर्य व्यक्त किया कि आज भी महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, जबकि सेनाओं से लेकर प्रशासनिक सेवाओं तक उन्होंने अपनी योग्यता का लोहा मनवाया है। सोफिया कुरैशी जैसी शख्सियतों को आदर्श बताते हुए युवाओं से सेना में करियर बनाने का आह्वान किया गया। महानगर कार्यकर्ता श्रीमती कामाक्षी ने चर्चा का संचालन करते हुए महिलाओं को मानसिक और सामाजिक परतंत्रता से मुक्त होने के उपायों पर चिंतन करने की बात कही।

रणनीति: अब वार्ड स्तर पर जगेगी चेतना

​टॉक शो के समापन पर प्रांत कार्यकारिणी सदस्य आरती आचार्य ने महिलाओं को संगठित होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया। उन्होंने नीति निर्धारकों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि जब महिलाएं एकजुट होती हैं, तो समाज का बड़ा वर्ग भी उनके समर्थन में खड़ा होता है।

​आगामी योजनाओं की जानकारी साझा करते हुए श्रीमती आरती ने बताया कि जागरण के इस अभियान को अब और विस्तार दिया जाएगा। इसके तहत:

  • ​प्रत्येक वार्ड में जागरूकता टॉक शो आयोजित होंगे।
  • ​बालिका महाविद्यालयों और विभिन्न पेशेवर समूहों के बीच चर्चाएं होंगी।
  • ​नुक्कड़ नाटकों और एकाभिनय के माध्यम से सामाजिक चेतना जगाई जाएगी।

​विचारों के इस ओजस्वी प्रवाह में सीमा पुरोहित, ज्योति स्वामी, ज्योति सुथार और योग गुरु दमयन्ती सुथार ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम का समापन सामूहिक ‘कल्याण मंत्र’ के साथ हुआ, जिसने समाज के सर्वांगीण उत्थान के संकल्प को और सुदृढ़ किया।



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