

आपणी हथाई न्यूज, राजस्थान की राजनीति में उस वक्त हलचल मच गई जब राज्य सरकार के मंत्री गौतम दक (Gautam Dak) के खिलाफ पुलिसकर्मियों से कथित गाली-गलौज और धमकाने के आरोप में एफआईआर दर्ज कर ली गई। मामला चित्तौड़गढ़ जिले के डूंगला थाने से जुड़ा है, जहां तैनात पुलिस अधिकारियों ने मंत्री पर अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया है। सोशल मीडिया पर एक ऑडियो क्लिप वायरल होने के बाद यह मामला और ज्यादा सुर्खियों में आ गया।
पुलिस के अनुसार डूंगला थाना प्रभारी शैतान सिंह की शिकायत पर मंत्री के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है। एफआईआर में आरोप लगाया गया कि मंत्री ने फोन कर एसएचओ को थाने से बाहर बुलाया और बाद में कांस्टेबल लक्ष्मीनारायण व विष्णु कुमार को भी मौके पर बुलाने को कहा। पुलिस का दावा है कि इसके बाद मंत्री ने सार्वजनिक रूप से पुलिसकर्मियों के साथ गाली-गलौज की और उन्हें धमकियां दीं।
एफआईआर में यह भी उल्लेख किया गया है कि मंत्री ने कथित तौर पर पुलिस अधिकारियों पर दबाव बनाने की कोशिश की और गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। बताया जा रहा है कि यह विवाद धनराज खरोल नामक व्यक्ति से जुड़े एक मामले की जांच को लेकर शुरू हुआ था, जिसे पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया था।
वहीं मंत्री गौतम डक ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने वायरल ऑडियो को फर्जी बताते हुए कहा कि यह उनकी छवि खराब करने की साजिश है। मंत्री ने वीडियो बयान जारी कर कहा कि वायरल आवाज उनकी नहीं है और उन्हें राजनीतिक रूप से बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्ष ने मामले को लेकर सरकार पर निशाना साधा है, जबकि पुलिस प्रशासन भी मामले की जांच में जुट गया है।


