


देश आपणी हथाई न्यूज, आखिरकार गुरुवार की देर रात सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचूक ने 26 दिनों से चल रहे नीट पेपर लीक को लेकर जारी अनशन समाप्त करने की घोषणा कर दी हैं । वांगचुक ने कहा कि केंद्र सरकार ने उनकी तीन प्रमुख मांगों पर लिखित आश्वासन दिया है। सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी वीडियो संदेश में कहा कि केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से बातचीत के बाद यह सहमति बनी।
प्रदर्शनकारी छात्रों पर नहीं होगी कोई कार्रवाई
वांगचुक ने कहा कि सरकार ने लिखित आश्वासन दिया है कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों और युवाओं तथा 20 जुलाई को आयोजित ‘संसद चलो’ मार्च में शामिल लोगों के खिलाफ कोई एफआईआर, कानूनी कार्रवाई या अन्य दंडात्मक कदम नहीं उठाया जाएगा।
मृत छात्रों के परिवारों को मिलेगा मुआवजा
उन्होंने बताया कि कथित पेपर लीक प्रकरण से जुड़े जिन 20 से अधिक छात्रों की मौत हुई, उनके परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाएगा। सरकार ने इस मांग पर भी लिखित सहमति दी है।
संसद में शिक्षा और परीक्षा प्रणाली पर चर्चा
वांगचुक ने कहा कि सरकार ने संसद में शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और जवाबदेही के मुद्दे पर विस्तृत चर्चा कराने का भी लिखित आश्वासन दिया है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके और जिम्मेदारी तय हो।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर नहीं मिला आश्वासन
वांगचुक ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर सरकार की ओर से कोई आश्वासन नहीं मिला। उन्होंने कहा कि उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण तीन मांगें थीं, जिन पर लिखित सहमति मिलने के बाद उन्होंने अनशन समाप्त करने का फैसला किया।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर
उन्होंने कहा कि मेरे पास दो विकल्प थे, या तो मैं हफ्तों तक भूख हड़ताल पर बैठा रहता, और शायद इससे मेरी जान चली जाती है। लेकिन अगर प्रधान इस्तीफा नहीं देते हैं, तो इससे बच्चों या हमें कोई नुकसान नहीं होता, बल्कि सरकार को ही नुकसान होता। उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए था। इस्तीफा देने से यह सारा नुकसान पहले ही रुक गया होता।
वांगचुक ने कहा कि उनके लिए सबसे जरूरी बात यह थी कि बच्चे FIR में न फंसें और मृतकों के परिवारों को मुआवजा मिले। उन्होंने कहा कि हमने यह हासिल कर लिया है, मैं इस बात से खुश हूं। भारत के लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर यानी संसद में इस मुद्दे और जवाबदेही पर पूरी बहस होगी।


