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Bikaner : बीकानेर कांग्रेस में अनिल कल्ला की मेयर की शपथ के साथ सियासी भूचाल ! गुलाम मुस्तफा ने दिया इस्तीफा

Bikaner आपणी हथाई न्यूज, नगर निगम चुनाव के बाद बीकानेर की राजनीति में घटनाक्रम तेजी से बदल रहा है। एक ओर कांग्रेस के अनिल कल्ला ने गुरुवार को मेयर पद की शपथ लेकर नगर निगम की कमान संभाली, वहीं दूसरी ओर उप-महापौर चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी नसीम बानो की हार के बाद पार्टी के भीतर नाराजगी खुलकर सामने आने लगी है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं नसीम बानो के ससुर गुलाम मुस्तफा ‘बाबू भाई’ ने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को हाथ से लिखा इस्तीफा भेजा है। इसकी प्रतियां कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी को भी भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।

इस्तीफे में संगठन को लेकर गंभीर आरोप

24 सितंबर को लिखे इस्तीफे में गुलाम मुस्तफा ने बीकानेर नगर निगम के मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव परिणामों का हवाला देते हुए कांग्रेस संगठन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने अपने पत्र में आरोप लगाया कि जिले में कांग्रेस संगठन की बागडोर ऐसे लोगों के हाथों में है जिनकी विचारधारा कांग्रेस की पारंपरिक धर्मनिरपेक्ष सोच से मेल नहीं खाती। उन्होंने अपने करीब 50 वर्षों के पार्टी जुड़ाव का उल्लेख करते हुए वर्तमान परिस्थितियों में संगठन के साथ काम करना कठिन बताया और इस्तीफा स्वीकार करने का अनुरोध किया। ये आरोप गुलाम मुस्तफा के इस्तीफा पत्र में किए गए हैं।

डिप्टी मेयर चुनाव बना विवाद की बड़ी वजह

दरअसल, बीकानेर नगर निगम में कांग्रेस के पास 42 पार्षदों का आंकड़ा बताया गया था, लेकिन उप-महापौर चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी नसीम बानो को भाजपा के पंकज गहलोत के हाथों हार का सामना करना पड़ा। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार पंकज गहलोत को 40 और नसीम बानो को 38 वोट मिले। इस परिणाम के बाद कांग्रेस के भीतर क्रॉस वोटिंग और चुनावी रणनीति को लेकर सवाल उठे तथा कई नेताओं ने जांच और कार्रवाई की मांग की।

कल्ला के शपथ समारोह में भी दिखी नाराजगी

गुरुवार दोपहर करीब 12:15 बजे अनिल कल्ला के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान कांग्रेस के कुछ अल्पसंख्यक नेताओं की गैरमौजूदगी भी चर्चा का विषय रही। हालांकि किसी नेता की अनुपस्थिति के कारणों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, गुलाम मुस्तफा का इस्तीफा सामने आने के बाद यह घटनाक्रम बीकानेर कांग्रेस के भीतर उप-महापौर चुनाव के बाद चल रही नाराजगी को और महत्वपूर्ण बना रहा है। दूसरी ओर, अनिल कल्ला ने 21 सितंबर को हुए मेयर चुनाव में भाजपा के सुरेंद्र सिंह शेखावत को 50-30 मतों से हराया था।

एक ही निगम में मेयर कांग्रेस का, डिप्टी मेयर भाजपा का

बीकानेर नगर निगम की मौजूदा तस्वीर भी राजनीतिक रूप से दिलचस्प है। मेयर पद कांग्रेस के अनिल कल्ला के पास है, जबकि डिप्टी मेयर पद भाजपा के पंकज गहलोत ने हासिल किया है। ऐसे में निगम के भीतर दोनों दलों के बीच समन्वय और राजनीतिक खींचतान आने वाले समय में चर्चा का विषय बनी रह सकती है। फिलहाल मेयर की शपथ और वरिष्ठ कांग्रेस नेता के इस्तीफे ने एक ही दिन बीकानेर की स्थानीय राजनीति को दो अलग-अलग तस्वीरों में सामने ला दिया है।

 

 



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