
आपणी हथाई न्यूज, पर्यावरण संघर्ष समिति के निर्देशन में बीकानेर में आज, 2 फरवरी 2026 से ‘खेजड़ी बचाओ जन आंदोलन’ के तहत एक विशाल बेमियादी महापड़ाव शुरू हो चुका है। यह आंदोलन विशेष रूप से सोलर प्लांट प्रोजेक्ट्स के नाम पर राजस्थान के राज्य वृक्ष ‘खेजड़ी’ की अंधाधुंध कटाई के विरोध में किया जा रहा है। बीकानेर का पॉलीटेक्निक कॉलेज मैदान इस आंदोलन का मुख्य केंद्र है।
यह आंदोलन विभिन्न संतों और पर्यावरण प्रेमियों के सान्निध्य में हो रहा है। इसमें मुकाम (बिश्नोई समाज का पवित्र तीर्थ) में हुई महापंचायत के निर्णय के अनुसार रणनीति बनाई गई है।आंदोलनकारियों की मांग है कि खेजड़ी की कटाई को रोकने के लिए सख्त कानून बनाया जाए और वर्तमान मामूली जुर्माने (₹1000) को बढ़ाकर इसे गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में लाया जाए। वहीं पर्यावरण संघर्ष समिति के संयोजक राम गोपाल बिश्नोई ने बताया कि सोमवार की सुबह पॉलिटेक्निक कॉलेज ग्राउंड में आंदोलनकारी महा पड़ाव शुरू करेंगे जिसमें संत समाज के लोगों के साथ जनप्रतिनिधि भी शामिल होंगे दोपहर बाद बिश्नोई धर्मशाला के सामने अनिश्चितकालीन महापदा शुरू होगा इस दौरान खेजड़ी की बेटी विषय पर नाटक का मंथन भजन संध्या और रात्रि जागरण भी होगा।
समर्थन
आंदोलन को व्यापक जन समर्थन मिल रहा है, जिसका असर आज शहर में साफ दिखाई दे रहा है। आंदोलन के चलते बीकानेर के कई सरकारी और निजी स्कूलों में आधे दिन की छुट्टी घोषित की गई है वही स्थानीय व्यापारिक संगठनों ने आंदोलन को समर्थन देते हुए बाजार बंद रखने का फैसला किया है।
बीकानेर के अलावा राजस्थान के अन्य जिलों और पड़ोसी राज्यों जैसे हरियाणा और पंजाब से भी बड़ी संख्या में पर्यावरण प्रेमी बीकानेर पहुंचे हैं।इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों और नेताओं का भी भारी समर्थन मिल रहा है। बाड़मेर के शिव विधानसभा क्षेत्र के विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने इस आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन दिया है और वे खुद इस महापड़ाव में शामिल होने के लिए पहुंचे हैं।
अन्य नेता: कांग्रेस और बीजेपी के कई स्थानीय नेता भी दलगत राजनीति से ऊपर उठकर इस मुहिम से जुड़े हैं। देहात कांग्रेस और बीकानेर बार एसोसिएशन ने औपचारिक रूप से समर्थन पत्र जारी किए हैं। आपकों बता दे कि पूर्व मंत्री देवीसिंह भाटी, भंवर सिंह भाटी और बी.डी. कल्ला जैसे कद्दावर नेताओं ने भी समय-समय पर खेजड़ी कटाई के खिलाफ आवाज बुलंद की है।
यातायात में बदलाव: प्रशासन ने भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं और शहर के कई रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक सरकार लिखित में सख्त कानून का आश्वासन नहीं देती, यह महापड़ाव जारी रहेगा।


