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Bikaner : निगम प्रशासन अचेतावस्था में, शासन सचिव ने खोली बीकानेर निगम प्रशासन की आंखे

आपणी हथाई बीकानेर न्यूज,  शहर को कचरे के ढेर और बदहाली के दलदल में धकेल कर बीकानेर नगर निगम का प्रशासन गहरी ‘अचेतावस्था’ में सोया हुआ है। निगम के इस निकम्मेपन और कुंभकर्णी नींद को तोड़ने के लिए आखिरकार स्वायत्त शासन विभाग के शासन सचिव रवि जैन को खुद हकीकत का सामना करना पड़ा। शहर के चप्पे-चप्पे पर पसरी गंदगी, बजबजाती नालियां और सड़कों पर आवारा पशुओं का जमावड़ा देखकर शासन सचिव का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने निगम के लापरवाह अधिकारियों की जमकर बखिया उधेड़ी।

“सड़कें-नालियां कचरे से अटी हैं, आप दफ्तरों में कर क्या रहे हो?”
शासन सचिव रवि जैन ने जब शहर का दौरा किया, तो निगम के झूठे दावों की कलई खुल गई। उन्होंने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए सीधे शब्दों में पूछा कि जब पूरा शहर गंदगी से कराह रहा है, सड़कें कचरे से अटी पड़ी हैं, तो आप लोग वातानुकूलित कमरों में बैठकर कर क्या रहे हैं? निगम की घोर लापरवाही और लचर कार्यप्रणाली का आलम यह है कि स्वास्थ्य अधिकारी जैसी अहम जिम्मेदारी ‘लिपिकों’ (क्लर्कों) के भरोसे छोड़ दी गई है। यह निगम प्रशासन के दिवालियापन की निशानी नहीं तो और क्या है?

हकीकत: न गाड़ियां पहुंच रहीं, न कर्मचारी काम कर रहे
कागजों में दौड़ने वाले निगम के ऑटो टिपर असलियत में मोहल्लों तक पहुंच ही नहीं रहे हैं। सफाई कर्मचारी फील्ड से नदारद हैं और शहर की मुख्य सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं। निगम के अधिकारी फील्ड में जाने के बजाय सिर्फ कागजी घोड़े दौड़ाने और अपनी नाकामियों पर पर्दा डालने में मस्त हैं। सचिव रवि जैन ने साफ कर दिया कि बीकानेर की स्वच्छता रैंकिंग में जो शर्मनाक दुर्दशा है, उसके लिए सीधे तौर पर यहां का निकम्मा और लापरवाह तंत्र जिम्मेदार है।

चार दिन का अल्टीमेटम: सुधरो या सख्त कार्रवाई के लिए तैयार रहो
शासन सचिव ने इस बेलगाम और सुस्त निगम प्रशासन को अपनी कार्यप्रणाली सुधारने के लिए महज 4 दिन का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने दो टूक चेतावनी दी है कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत अगर किसी भी स्तर पर कोताही बरती गई और शहर की सफाई व्यवस्था में तत्काल सुधार नहीं दिखा, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। अब देखना यह है कि शासन सचिव के इस चाबुक के बाद भी बीकानेर निगम प्रशासन अपनी इस ‘कोमा’ की स्थिति से बाहर आता है या शहर को यूं ही सड़ने के लिए छोड़ देता है।

 



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