
आपणी हथाई न्यूज, राजस्थान की भजन लाल सरकार ने मंगलवार को रजिस्ट्रेशन एक्ट 2021 के प्रावधानों में बदलाव कर दिया है जिसकी पंजीयन कार्यालयों ने पालन भी शुरू कर दी है इसका असर बुधवार को कार्यालय में देखा भी गया, जहां काम ना के बराबर हुआ है।
क्या हुआ बदलाव
राजस्थान सरकार की ओर से किए गए बदलाव के अनुसार राजस्थान में बिना भू रूपांतरण भू राजस्व अधिनियम की धारा 98 के अंतर्गत जारी सोसाइटी पट्टों की रजिस्ट्री नहीं होगी अधिसूचना के अनुसार बिना भूखंद्रन व भू राजस्व कानून की धारा 98 के अंतर्गत जारी सोसाइटी पट्टों की रजिस्ट्री के मामले वृद्धि का उल्लंघन पाए जाने पर अब उप रजिस्ट्रार जिम्मेदार होगा अब सोसाइटी पट्टों की रजिस्ट्रेशन के समय जमीन मालिक को बताना होगा कि जहां प्लॉट खरीदा है उसे भूमि का कन्वर्जन हो गया है अथवा वह भूमि 90ए में शामिल है। उप रजिस्ट्रार कार्यालय में इसकी सख्ती से पालना शुरू भी हो गई है।
काश्तकारी अधिनियम के तहत एससी एसटी की भूमि एससी-एसटी का व्यक्ति खरीद सकता है लेकिन इसके विपरीत प्लाटिंग की शिकायत आ रही है बताया जा रहा है कि पंजीयन कार्यालय में करीब 60% सोसाइटी पट्टों की रजिस्ट्री होती है।अब सोसायटी पट्टों पर भूखंडों की रजिस्ट्री नहीं, लेकिन पट्टे वैध रहेंगे हालांकि, पुराने पट्टों पर कोई असर नहीं होगा। सोसायटी पट्टों पर कटने वाली नई कॉलोनियों पर पूरी तरह रोक रहेगी। सरकार ने रजिस्ट्रेशन (राजस्थान अमेंडमेंट) एक्ट-2021 की सभी धाराओं को प्रभावी कर दिया है।
सरकार के इस फैसले का अब विरोध भी शुरू हो गया हैं। बुधवार को जयपुर में वकीलों ने कार्य बंदी कर इस फैसले का विरोध जताया हैं।


