

आपणी हथाई न्यूज, राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र 2026 का आज समापन होने जा रहा है। सत्र के इस अंतिम कार्य दिवस पर सदन में गहमागहमी रहने के आसार हैं। प्रश्नकाल और शून्यकाल की कार्यवाही के पश्चात विधायी कार्यों की कड़ी में दो महत्वपूर्ण विधेयक, महाराणा प्रताप खेलकूद विश्वविद्यालय विधेयक 2025 और राजस्थान नगरपालिका (संशोधन) विधेयक 2026, सदन में चर्चा के बाद पारित किए जाएंगे। इससे पूर्व, मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में भाजपा विधायक दल की बैठक आयोजित कर अंतिम दिन की रणनीति साझा की गई।
सदन की शुरुआत में तीन दिवंगत पूर्व विधायकों—हेमसिंह भड़ाना, रामलाल मेघवाल और हेतराम बेनीवाल—को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। सदन के सदस्य मौन रखकर उनके द्वारा किए गए जनहित के कार्यों को याद करेंगे। इसके उपरांत प्रश्नकाल में मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी के अधीन आने वाले विभागों सहित चिकित्सा, स्वास्थ्य, खाद्य आपूर्ति और वन विभाग से जुड़े कुल 45 (तारांकित और अतारांकित) प्रश्नों पर सवाल-जवाब होंगे।
स्थानीय मुद्दों और अनियमितताओं पर सरकार को घेरने की तैयारी
ध्यानाकर्षण प्रस्तावों के माध्यम से आज कई ज्वलंत मुद्दे सदन के पटल पर रखे जाएंगे। विधायक कान्ति प्रसाद सरिस्का टाइगर रिजर्व के विस्तार से प्रभावित ग्रामीणों और पशुधन की समस्याओं पर सरकार का ध्यान खींचेंगे, वहीं विधायक गुरवीर सिंह सादुलशहर की सहकारी समिति में हुए कथित गबन के मुद्दे पर सहकारिता मंत्री से जवाब मांगेंगे। जैसलमेर में सोलर परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन में बरती गई कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की कार्यप्रणाली को लेकर भी विधायकों ने सरकार को घेरने की तैयारी कर ली है।
प्रतिवेदन और जनहित की याचिकाएं होंगी पेश
सदन की कार्यवाही के दौरान उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेम चन्द बैरवा 11 विश्वविद्यालयों के वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगे। साथ ही, विभिन्न समितियों जैसे जल संसाधन और सार्वजनिक निर्माण विभाग की रिपोर्ट भी सदन के पटल पर रखी जाएगी। विधायकों द्वारा प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में ट्यूबवेल स्वीकृति, ऑडिटोरियम निर्माण और महिला कॉलेजों के बुनियादी ढांचे में सुधार जैसी महत्वपूर्ण जनहित की याचिकाएं भी पेश की जाएंगी, जो सीधे तौर पर आम जनता की जरूरतों से जुड़ी हैं।


