

आपणी हथाई नोखा न्यूज, राजस्थान के नोखा स्थित सुप्रसिद्ध सेंगाल धोरा प्राचीन शिव मंदिर के महंत और पंच दशनाम जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री पदम गिरी महाराज अब हमारे बीच नहीं रहे। उनके देवलोक गमन की सूचना मिलते ही समूचे क्षेत्र और श्रद्धालु वर्ग में शोक की लहर दौड़ गई है। महाराज श्री पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे और उन्होंने आज सुबह जोधपुर में अंतिम सांस ली।
जूना अखाड़े में रखते थे विशेष स्थान
महंत पदम गिरी महाराज केवल क्षेत्र ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर धार्मिक जगत की एक प्रतिष्ठित विभूति थे। जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री के रूप में उन्होंने सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके निधन को संत समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। खबर फैलते ही बड़ी संख्या में अनुयायियों और अन्य संत-महात्माओं का सेंगाल धोरा पहुंचना शुरू हो गया है।
आज दी जाएगी भू-समाधि
मंदिर कमेटी के सदस्य भूपेंद्र सिंह बिदावत ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि महंत जी की पार्थिव देह को जोधपुर से उनकी तपोस्थली सेंगाल धोरा लाया जा रहा है। यहाँ श्रद्धालुओं के अंतिम दर्शन के लिए उनकी देह को मंदिर परिसर में रखा जाएगा। अंतिम दर्शनों के पश्चात, उनकी इच्छा और धार्मिक परंपराओं के अनुसार, प्राचीन शिव स्थल सेंगाल धोरे पर ही उन्हें समाधि दी जाएगी।


