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Crime : कॉर्पोरेट’ स्टाइल में चल रहा था रंगदारी का खेल, एसटीएफ ने तीन को दबोचा,एक आरोपी बीकानेर से

Crime आपणी हथाई न्यूज, मध्य प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर प्रदेश के कारोबारियों में दहशत फैलाने वाले एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। जांच में यह चौंकाने वाली बात सामने आई है कि यह गैंग किसी पेशेवर कॉर्पोरेट संस्थान की तरह काम कर रहा था। गैंग के हर सदस्य का काम पहले से तय होता था,चाहे वह रेकी करना हो, धमकी भरे वीडियो बनाना हो, फायरिंग करना हो या वसूली की गई रकम का बंदरबांट। इस पूरे सिंडिकेट को बिश्नोई के खास गुर्गे हैरी बॉक्सर के निर्देशों पर संचालित किया जा रहा था।

​इस गिरोह के ‘फाइनेंसर’ और हिसाब-किताब रखने वाले मुख्य मोहरे के रूप में 18 वर्षीय जेपी डारा का नाम सामने आया है। बीकानेर निवासी डारा को एसटीएफ जयपुर जेल से ट्रांजिट रिमांड पर भोपाल लाई है। महज 18 साल की उम्र में डारा पर राजस्थान में 15 से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं। वह गिरोह के सदस्यों को अपराध के लिए जरूरी संसाधन और वित्तीय मदद उपलब्ध कराता था। डारा के साथ ही एसटीएफ ने उत्तर प्रदेश के बांदा निवासी आनंद मिश्रा और निर्मल तिवारी को भी गिरफ्तार किया है। भोपाल के कोलार क्षेत्र के एक रियल एस्टेट कारोबारी से 10 करोड़ की फिरौती मांगने के मामले में आनंद मिश्रा को मास्टरमाइंड बताया जा रहा है।
​जांच में पता चला है कि मध्य प्रदेश में पिछले दो महीनों के भीतर इस गैंग ने करीब 10 बड़ी वारदातों को अंजाम दिया है। गैंग का तरीका बेहद शातिर था—पहले कारोबारी के घर की रेकी कर वीडियो बनाया जाता, फिर वॉट्सऐप कॉल या वॉइस नोट के जरिए हैरी बॉक्सर के नाम पर 10-10 करोड़ रुपये की मांग की जाती थी। दहशत फैलाने के लिए खरगोन जैसे जिलों में फायरिंग की घटनाएं भी की गईं। फिलहाल, एसटीएफ की एसआईटी इन आरोपियों से कड़ी पूछताछ कर रही है ताकि बिश्नोई गैंग के साथ इनके सीधे संबंधों और भविष्य की साजिशों का पूरी तरह खुलासा किया जा सके।



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