

आपणी हथाई न्यूज, देश में सोने को लेकर इन दिनों जबरदस्त हलचल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आम जनता से अगले एक साल तक सोना खरीदने से बचने की अपील के बाद, भारत के गोल्ड रिजर्व (स्वर्ण भंडार) को लेकर एक बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आई है। विदेशी मुद्रा भंडार की चिंताओं के बीच आई पीएम की इस अपील ने जहां बाजार और निवेशकों को सोचने पर मजबूर किया है, वहीं दूसरी ओर वैश्विक मंच पर भारत ने एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है।
भारतीय संस्कृति में सोना सिर्फ निवेश नहीं, बल्कि शादियों और त्योहारों की परंपरा का एक अटूट हिस्सा है। यही वजह है कि पीएम के बयान के बाद हर तरफ इसी की चर्चा है। लेकिन इस बीच राहत और गर्व की बात यह है कि भारत अब दुनिया में सबसे ज्यादा सोना रखने वाले देशों की सूची में टॉप-5 में शामिल हो गया है।
जापान को पीछे छोड़ भारत पांचवें नंबर पर
विश्व स्वर्ण परिषद (World Gold Council) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, भारत ने जापान को पीछे छोड़ते हुए दुनिया के टॉप-10 गोल्ड रिजर्व वाले देशों में पांचवां स्थान हासिल कर लिया है। वर्तमान में भारत के पास 880.52 टन सोने का विशाल भंडार है। वैश्विक स्तर पर बात करें, तो अमेरिका 8133.46 टन सोने के साथ अब भी पहले स्थान पर बना हुआ है। इसके बाद क्रमशः इटली, चीन और रूस का नंबर आता है।
रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची भारतीय मांग
भले ही कीमतें आसमान छू रही हों, लेकिन भारतीयों का सोने के प्रति आकर्षण कम नहीं हुआ है। साल 2026 की पहली तिमाही में भारत में सोने की मांग सालाना आधार पर 10 प्रतिशत बढ़कर 151 टन तक पहुंच गई। वहीं अगर कीमत के लिहाज से देखें, तो यह मांग लगभग दोगुनी होकर 2.275 लाख करोड़ रुपये (करीब 25 अरब डॉलर) के रिकॉर्ड स्तर पर जा पहुंची है। इसमें सबसे ज्यादा उछाल डिजिटल और सुरक्षित निवेश यानी गोल्ड ईटीएफ (ETF) में देखा गया है।
दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों में मची है सोना खरीदने की होड़
वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण साल 2026 की पहली तिमाही में दुनिया भर में सोने की मांग 1231 टन तक पहुंच गई है, जिसकी कुल कीमत रिकॉर्ड 193 अरब डॉलर है। दुनिया भर के केंद्रीय बैंक लगातार अपने भंडारों में सोना बढ़ा रहे हैं, जिसके कारण वैश्विक बाजार में सोने का महत्व लगातार बढ़ता जा रहा है।


