

आपणी हथाई बीकानेर न्यूज, राजस्थान शिक्षक संघ (शेखावत) के वार्षिक अधिवेशन में उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब वर्तमान जिला कार्यकारिणी की कार्यप्रणाली से नाराज होकर पांच ब्लॉकों के शिक्षकों ने चुनावी प्रक्रिया से पूरी तरह किनारा कर लिया। असंतुष्ट गुट का आरोप है कि बिना किसी लोकतांत्रिक प्रक्रिया और जमीनी स्तर पर चुनाव कराए, सीधे प्रदेश पर्यवेक्षक और चुनाव अधिकारी को बुला लिया गया। शिक्षकों ने इसे मनमाने और अलोकतांत्रिक ढंग से चुनाव कराने की एकतरफा कोशिश करार दिया है।
पक्षपातपूर्ण रवैये और तानाशाही के विरोध में सैकड़ों शिक्षकों ने एकजुट होकर इस चुनावी नाटक का बहिष्कार किया। इसके बाद सूरसागर स्थित ‘हल्दीराम महात्मा गांधी राजकीय बालिका विद्यालय’ में संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों और पांचों ब्लॉकों के प्रतिनिधियों की एक आपात बैठक हुई। इस बैठक में वर्तमान कार्यकारिणी की मनमानी के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाने के लिए एक सशक्त ‘संघर्ष समिति’ का गठन किया गया।
वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों ने संभाली कमान
बैठक के दौरान संगठन के कई दिग्गज और क्षेत्रीय पदाधिकारी एक मंच पर नजर आए। संघर्ष समिति के गठन और भावी रणनीति तय करने में निम्नलिखित वरिष्ठ चेहरों ने मुख्य भूमिका निभाई:
वरिष्ठ नेतृत्व: भंवरलाल पोटलिया, शिवशंकर गोदारा, आदूराम मेघवाल, बालाराम मेघवाल, कोजाराम सियाग, महेन्द्र पाल भंवरिया, राजेश तर्ड।
नोखा उपशाखा: अध्यक्ष हारुन कुरैशी एवं मंत्री मालचंद भार्गव।
पांचू उपशाखा: अध्यक्ष रामनिवास गोदारा एवं मंत्री भैराराम।
बीकानेर देहात: अध्यक्ष गणेश चौधरी एवं मंत्री सोहनलाल कुकणा।
खाजूवाला ब्लॉक: अध्यक्ष अमित बिश्नोई एवं मंत्री जसविंदर सिंह।
डूंगरगढ़ ब्लॉक: अध्यक्ष हरीराम सहू एवं मंत्री दानाराम डेलू।
इसके साथ ही हेमेंद्र बाना, राजेश झुरिया, कैलाश सियाग, धुड़ाराम सोनी, देवकिशन जाखड़, राजेन्द्र घिंटाला, सीताराम सिद्ध, प्रदीप बिजारणियां, सुनील फुलवारियां, राजूराम सोलंकी, मांगीलाल सुथार, रणजीत शर्मा, प्रवीण सिंह, राजाराम भाम्भू, प्रेमाराम खालियां, श्रवण नाई, चिमनाराम सिला, ओमप्रकाश सारण, भरता राम सिद्धू और सुरेन्द्र पड़िहार सहित सैकड़ों शिक्षकों ने हुंकार भरी। उपस्थित सभी शिक्षकों ने सर्वसम्मति से संकल्प लिया कि नवगठित संघर्ष समिति शिक्षक और शिक्षार्थी (छात्रों) के हितों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्षरत रहेगी।


