
पॉलिटिक्स आपणी हथाई न्यूज, राजस्थान में निकाय और पंचायतीराज चुनावों की तैयारियों के बीच केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह शनिवार से राजस्थान के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे। शाह शनिवार रात करीब 9 बजे उदयपुर के डबोक हवाई अड्डे पहुंचेंगे, जहां मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा उनकी अगवानी करेंगे। इसके बाद वे सड़क मार्ग से फतहसागर स्थित सर्किट हाउस पहुंचेंगे और यहीं रात्रि विश्राम करेंगे।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम, कई इलाके नो फ्लाई जोन
अमित शाह के दौरे को देखते हुए उदयपुर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। डबोक हवाई अड्डे, सर्किट हाउस और कार्यक्रम स्थलों के आसपास बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। सुरक्षा कारणों से डबोक हवाई अड्डे, उदयपुर सर्किट हाउस और उदय किरण अधिकारी विश्राम गृह के आसपास के क्षेत्र को नो फ्लाई जोन घोषित किया गया है। इन इलाकों में ड्रोन, यूएवी, हॉट एयर बैलून समेत अन्य उड़ने वाले उपकरणों के संचालन पर प्रतिबंध रहेगा।

अटल बिहारी वाजपेयी की 21 फीट ऊंची प्रतिमा का लोकार्पण
अपने दौरे के दूसरे दिन अमित शाह उदयपुर के जेके चौराहे पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 21 फीट ऊंची प्रतिमा का लोकार्पण करेंगे। अष्टधातु से निर्मित यह प्रतिमा कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहेगी। कार्यक्रम को लेकर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने तैयारियां पूरी कर ली हैं।
राजस्थान को 12,112 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात
दो दिवसीय दौरे के दौरान अमित शाह राजस्थान को करीब 12,112 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात देंगे। इन परियोजनाओं में सड़क, ऊर्जा, पेयजल, शिक्षा, डेयरी, लोक निर्माण और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विकास कार्य शामिल हैं। इनमें कई योजनाओं का लोकार्पण किया जाएगा, जबकि कुछ परियोजनाओं का शिलान्यास भी होगा।
67 लाख किसानों के खातों में पहुंचेगी सम्मान निधि
दौरे के दौरान किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण घोषणा और आर्थिक सहायता का कार्यक्रम है। मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत प्रदेश के करीब 67 लाख किसानों को 667 करोड़ रुपये की किस्त प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से जारी की जाएगी। इसके साथ ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को 152 करोड़ रुपये की राशि भी जारी की जाएगी।
अमित शाह का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब राजस्थान में निकाय और पंचायतीराज चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। ऐसे में उदयपुर में होने वाले कार्यक्रमों और विकास परियोजनाओं के साथ किसानों से जुड़े फैसलों पर भी राजनीतिक नजरें टिकी हुई हैं।




