Homeखटाखट स्टोरीदेश-दुनिया : अब तक 13 बार लाल किले से बोल चुके पीएम...

देश-दुनिया : अब तक 13 बार लाल किले से बोल चुके पीएम मोदी, इस बार क्या खास पीएम मोदी के भाषण में

देश-दुनिया आपणी हथाई न्यूज,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिल्ली के लाल किले की प्राचीर से लगातार 13वीं बार देश को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने देश की विकास यात्रा, आत्मनिर्भर भारत, युवाओं की भूमिका, महिला सशक्तिकरण, किसानों और गरीबों के कल्याण के साथ वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को दोहराया। खास बात यह रही कि प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का भी उल्लेख किया और नेताजी सुभाष चंद्र बोस, डॉ. भीमराव आंबेडकर, सरदार वल्लभभाई पटेल, भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, भगवान बिरसा मुंडा और ज्योतिबा फुले जैसे महापुरुषों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।

नक्सलवाद पर पीएम मोदी का कड़ा संदेश

प्रधानमंत्री मोदी ने नक्सलवाद और माओवाद को देश के विकास और युवाओं के भविष्य के लिए बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि नक्सलवाद ने लाखों युवाओं के सपनों को तबाह किया और कई परिवारों को गहरा दर्द दिया। उन्होंने कहा कि चार दशकों तक देश के बड़े हिस्से और बड़ी आबादी को बंदूक की नोक पर दबाकर रखा गया तथा इस संघर्ष में साढ़े तीन हजार से अधिक पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों ने अपनी जान गंवाई।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में सरकार ने देश को नक्सलवाद से मुक्त कराने का संकल्प लिया था और आज नक्सली तथा माओवादी हिंसा अंतिम दौर में पहुंच चुकी है। जिन इलाकों में कभी गोलियां चलती थीं, वहां अब विकास, विश्वास और प्रयास का तिरंगा लहरा रहा है।

हालांकि प्रधानमंत्री ने चेताया कि चुनौती को कम आंकने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि हथियारबंद नक्सलियों के खिलाफ सफलता मिली है, लेकिन वैचारिक स्तर पर सक्रिय लोगों को भी पहचानना होगा। उन्होंने ऐसे तत्वों को समाज में हिंसा और अराजकता का माहौल पैदा करने से रोकने की आवश्यकता पर जोर दिया।

12 साल की उपलब्धियां गिनाईं

प्रधानमंत्री ने पिछले 12 वर्षों की सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के करोड़ों नागरिकों के प्रयासों से भारत ने विकास की नई गति हासिल की है। उन्होंने दावा किया कि इस अवधि में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं और भारत दुनिया की बड़ी तथा तेज गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुआ है।

उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में रक्षा क्षेत्र में उत्पादन चार गुना, खादी एवं ग्रामोद्योग का कारोबार पांच गुना और मोबाइल फोन उत्पादन 33 गुना बढ़ा है। डिजिटल लेनदेन में करीब 100 गुना वृद्धि तथा पेटेंट मिलने की संख्या में चार गुना बढ़ोतरी का भी उन्होंने उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने गरीबों के लिए घर और शौचालय निर्माण, मेट्रो नेटवर्क के विस्तार तथा बुनियादी ढांचे के विकास को भी सरकार की उपलब्धियों में गिनाया।

आत्मनिर्भर भारत पर जोर

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को अब दूसरे देशों पर निर्भर होकर नहीं, बल्कि अपने सामर्थ्य के आधार पर आगे बढ़ना होगा। उन्होंने ‘मेक इन इंडिया’, ‘लोकल फॉर वोकल’ और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में तेजी से काम करने की जरूरत बताई।

उन्होंने विनिर्माण क्षेत्र को मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा कि भारत को छोटे-छोटे पुर्जों से लेकर बड़ी मशीनरी तक का उत्पादन देश में बढ़ाना होगा। डिजाइन से लेकर निर्माण तक पूरी मूल्य श्रृंखला में भारत को वैश्विक भरोसा हासिल करना होगा। उन्होंने गुणवत्ता को भारतीय उत्पादों की पहचान बनाने और ‘शून्य दोष’ के लक्ष्य के साथ वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा करने का आह्वान किया।

 ‘शक्ति की सप्तधारा’ से विकसित भारत का विजन

विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रधानमंत्री ने ‘शक्ति की सप्तधारा’ का विजन सामने रखा। उन्होंने कहा कि देश की युवा शक्ति, विनिर्माण, तकनीक, ऊर्जा सुरक्षा, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और अन्य विकास क्षेत्रों को गति देकर भारत को नई ऊंचाई तक ले जाना होगा।

उन्होंने किसानों से रासायनिक मुक्त खेती को बढ़ावा देने का आह्वान किया और कहा कि कृषि उपज को खेत से बाजार तक पहुंचाने के लिए खाद्य प्रसंस्करण को मजबूत करना होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को लगातार सुधार करते रहना होगा और सरकार सुधार मजबूरी में नहीं, बल्कि दृढ़ विश्वास के साथ कर रही है।

युवाओं को विकास यात्रा का केंद्र बनाने पर जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विकसित भारत का सबसे बड़ा लाभ युवाओं को मिलेगा और इसलिए देश के युवाओं की ऊर्जा तथा प्रतिभा को विकास की दिशा में जोड़ना जरूरी है। उन्होंने देश में ढाई लाख से अधिक पंजीकृत स्टार्टअप होने का उल्लेख करते हुए कहा कि युवाओं के सपनों को पंख देने के लिए एक लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने युवाओं से नवाचार, उद्यमिता और उत्पादन के क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान करते हुए कहा कि भारत की युवा शक्ति विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत बनेगी।

महिला आरक्षण पर सभी राजनीतिक दलों से अपील

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में नारी शक्ति वंदन अधिनियम का भी उल्लेख किया। उन्होंने लाल किले से सभी राजनीतिक दलों से अपील करते हुए कहा कि महिलाओं के सम्मान और उनके अधिकारों के लिए सभी दल आगे आएं तथा विधानसभाओं और संसद में महिलाओं को 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देने में अपना योगदान करें।

उन्होंने कहा कि देश की आधी आबादी को निर्णय प्रक्रिया में पर्याप्त भागीदारी देकर ही भारत की विकास यात्रा को और गति दी जा सकती है।

महापुरुषों के सपनों से प्रेरणा लेने का आह्वान

भाषण के समापन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्र निर्माण से जुड़े महापुरुषों के सपनों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस, डॉ. भीमराव आंबेडकर, पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल, भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, भगवान बिरसा मुंडा और ज्योतिबा फुले का नाम लेते हुए कहा कि इन महापुरुषों के सपनों और आदर्शों से प्रेरणा लेकर भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प पूरा करना है।

प्रधानमंत्री का पूरा संबोधन आत्मनिर्भरता, विकास, युवा शक्ति, महिला भागीदारी और राष्ट्रीय सुरक्षा के इर्द-गिर्द केंद्रित रहा। उन्होंने देशवासियों से सामूहिक प्रयासों के साथ 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने का आह्वान किया।



ताजा खबर