
Politics आपणी हथाई न्यूज, राजस्थान में निकाय चुनावों की तैयारियों के बीच कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान अब खुलकर सामने आने लगी है। प्रदेश नेतृत्व के स्तर पर बयानबाजी को लेकर उठे विवाद के बाद अब पार्टी के अल्पसंख्यक विभाग में भी आपसी मतभेद गहरा गए हैं। संगठन में बढ़ते असंतोष के बीच अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेशाध्यक्ष एमडी चोपदार और विभाग के अन्य पदाधिकारी आमने-सामने आ गए हैं। इसी के चलते प्रदेश स्तर के पांच पदाधिकारियों ने अपने पदों से सामूहिक इस्तीफा दे दिया है।

इस्तीफा देने वालों में प्रदेश महासचिव एवं उदयपुर देहात जिला प्रभारी हाजी मोहम्मद इकबाल काजी, प्रदेश सचिव एवं पाली जिला प्रभारी सोनू खां कायमखानी, प्रदेश सचिव एवं अजमेर ग्रामीण के सह प्रभारी मोहम्मद मुनीर लोहार, प्रदेश समन्वयक एवं प्रतापगढ़ के सह प्रभारी आरिफ मोहम्मद बिसायती तथा प्रदेश समन्वयक एवं अजमेर शहर के सह प्रभारी फारूक मोहम्मद मंसूरी शामिल हैं।

संगठन में प्रोटोकॉल की अनदेखी का आरोप
सामूहिक इस्तीफा देने वाले पदाधिकारियों ने प्रदेशाध्यक्ष एमडी चोपदार पर संगठनात्मक प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने और प्रदेश पदाधिकारियों को अपेक्षित सम्मान व जिम्मेदारी नहीं देने के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जिला स्तर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में प्रदेश पदाधिकारियों को सूचना या आमंत्रण नहीं दिया जाता। बैठकों में भी उन्हें नजरअंदाज किया जाता है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले पदाधिकारियों को उनके गृह जिलों में पर्याप्त महत्व नहीं देने और जिला कार्यकारिणी के गठन में उनकी राय को दरकिनार करने का आरोप भी लगाया गया है।
प्रदेश नेतृत्व से शिकायत के बाद भी नहीं निकला समाधान
इस्तीफा देने वाले नेताओं का कहना है कि उन्होंने प्रदेश नेतृत्व के समक्ष कई बार अपनी शिकायतें रखीं, लेकिन विवाद का कोई प्रभावी समाधान नहीं हो सका। इसके बाद उन्होंने सामूहिक रूप से पद छोड़ने का निर्णय लिया। पदाधिकारियों के अनुसार, उन्होंने 12 अगस्त 2026 को अपना सामूहिक इस्तीफा कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष इमरान प्रतापगढ़ी को भेजा था, जबकि राजस्थान प्रदेशाध्यक्ष एमडी चोपदार को भी इस्तीफा सौंप दिया गया है। अब इस्तीफा देने वाले नेता आगामी दिनों में दिल्ली जाकर राष्ट्रीय नेतृत्व से मुलाकात कर अपनी शिकायतें रखने की तैयारी में हैं।
‘तुम मेरे किस काम के हो’ वाला वीडियो चर्चा में
इस पूरे विवाद के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेशाध्यक्ष एमडी चोपदार कथित तौर पर पदाधिकारियों से नाराजगी जताते हुए यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि, ‘तुम मेरे किस काम के हो। मुझे तुमसे रिश्तेदारी थोड़ी करनी है।’ वीडियो सामने आने के बाद विभाग से जुड़े कई नेताओं में नाराजगी और बढ़ने की बात सामने आ रही है।
निकाय चुनावों से ठीक पहले कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग में सामने आई यह अंदरूनी कलह पार्टी नेतृत्व के लिए चुनौती बन सकती है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि चुनावी तैयारियों के बीच कांग्रेस नेतृत्व इस विवाद को किस तरह सुलझाता है और संगठन में एकजुटता कैसे कायम रखता है।




