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बीकानेर पुलिस का तस्करों पर बड़ा प्रहार: ‘ऑपरेशन नीलकंठ’ शुरू, नशा माफियाओं की अवैध संपत्तियां होंगी कुर्क

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आपणी हथाई न्यूज, बीकानेर पुलिस ने जिले में मादक पदार्थों की तस्करी और इसके अवैध नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए ‘ऑपरेशन नीलकंठ’ का आगाज कर दिया है । जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा के निर्देशन में 8 अप्रैल 2026 से शुरू किए गए इस महाभियान का उद्देश्य केवल तस्करों की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि उनके आर्थिक तंत्र और सामाजिक प्रभाव को पूरी तरह से नेस्तनाबूद करना है । यह सघन अभियान ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ की तर्ज पर चलाया जा रहा है जिससे युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाया जा सके ।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी विस्तृत दिशा-निर्देशों के अनुसार, इस ऑपरेशन को दो मुख्य हिस्सों—जागरूकता और प्रवर्तन (Enforcement)—में बांटा गया है । प्रवर्तन के तहत पुलिस सक्रिय और आदतन अपराधियों पर कड़ी नजर रखेगी । प्रशासन का सबसे बड़ा प्रहार तस्करों की अवैध संपत्तियों पर होगा । एनडीपीएस (NDPS) अपराधों से कमाई गई अवैध संपत्तियों जैसे मकान, दुकान, प्लॉट, कृषि भूमि, वाहन और बैंक खातों की पहचान कर उन्हें एनडीपीएस एक्ट की धारा 68एफ के तहत अनिवार्य रूप से फ्रीज या कुर्क (attach) किया जाएगा । इसके अलावा, तस्करों द्वारा किए गए अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर भी राजस्व और नगर निकाय विभाग के साथ समन्वय कर सख्त कार्रवाई की जाएगी । स्पष्ट किया गया है कि संपत्ति जब्ती या ध्वस्त करने की ये सभी कार्रवाइयां माननीय उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों और पूर्ण कानूनी प्रक्रिया के दायरे में ही की जाएंगी ।

कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है । हर थाने को अनिवार्य रूप से महीने में कम से कम दो से तीन नशा विरोधी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने होंगे । स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थानों और ग्राम सभाओं में एनजीओ तथा चिकित्सा विभाग के सहयोग से विशेष अभियान चलाकर युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों और कानूनी प्रावधानों के प्रति सचेत किया जाएगा ।

‘ऑपरेशन नीलकंठ’ की सफलता सुनिश्चित करने के लिए इसकी मॉनिटरिंग व्यवस्था बेहद सख्त रखी गई है । थाना स्तर और वृत्त (सर्किल) स्तर पर हर हफ्ते, सेक्टर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर पर हर पखवाड़े और एसपी कार्यालय स्तर पर हर महीने अभियान की समीक्षा की जाएगी । इसके अलावा, हर थाने में एक अलग ‘ऑपरेशन नीलकंठ रजिस्टर’ संधारित किया जाएगा, जिसमें चिन्हित अपराधियों, जब्त संपत्तियों और की गई कार्रवाइयों का पूरा डिजिटल और लिखित रिकॉर्ड रखा जाएगा । एसपी कच्छावा ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि हर एनडीपीएस मामले में अपराधी की वित्तीय जांच अनिवार्य रूप से की जाए ताकि मादक पदार्थों के काले व्यापार को जड़ से उखाड़ फेंका जा सके ।

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