
आपणी हथाई Rajasthan News
राजस्थान में चिकित्सा सेवाओं की सुदृढ़ता को लेकर राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रभावशाली कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की दूरदर्शिता और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के कुशल निर्देशन में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रदेश में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत बनाने की दिशा में ठोस पहल की जा रही है। इसी क्रम में चिकित्सा अधिकारी (Medical Officer) के 1700 पदों पर नियुक्तियों की प्रक्रिया को पूरी गति से संपादित किया जा रहा है।
यह भर्ती प्रक्रिया न केवल राज्य में चिकित्सा सुविधाओं को जन-जन तक पहुंचाने में सहायक होगी, बल्कि बेरोजगार चिकित्सकों को रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध कराएगी। चिकित्सा विभाग द्वारा नियुक्ति प्रक्रिया को पारदर्शी, त्वरित और डिजिटल माध्यम से संचालित किया जा रहा है, जिससे अभ्यर्थियों को किसी भी प्रकार की भौतिक दौड़भाग से राहत मिल सके।
इस संबंध में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने चयनित अभ्यर्थियों से पदस्थापन हेतु आवश्यक सूचनाएं एवं स्थान वरीयता (posting preferences) संबंधित विकल्प भरने की प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल “राजहैल्थ” (www.rajhealth.rajasthan.gov.in) के माध्यम से शुरू कर दी है। विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि यह विकल्प भरने की अंतिम तिथि 4 अगस्त 2025 की रात्रि 12 बजे तक निर्धारित की गई है। इसके उपरांत पोर्टल स्वतः बंद हो जाएगा और अभ्यर्थी कोई बदलाव नहीं कर पाएंगे।
जन-स्वास्थ्य निदेशक डॉ. रवि प्रकाश शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि चयनित अभ्यर्थियों को पदस्थापन विकल्प सहित अन्य वांछित सूचनाएं भरने हेतु विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। प्रत्येक अभ्यर्थी को पोर्टल पर उस मोबाइल नंबर का उपयोग करना होगा, जो उसने आरयूएचएस (RUHS), जयपुर के ऑनलाइन आवेदन में दर्ज किया था। इस मोबाइल नंबर पर ओटीपी (OTP) भेजा जाएगा, जिसके माध्यम से लॉगइन कर अभ्यर्थी पोर्टल पर अपनी जानकारी भर सकेंगे।
उन्होंने बताया कि अभ्यर्थी को पदस्थापन हेतु कम से कम 50 विकल्प भरना अनिवार्य किया गया है। ये विकल्प राज्य के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (PHC) में उपलब्ध रिक्त पदों से संबंधित होंगे। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि अधिकतम अभ्यर्थियों को उनकी वरीयता के अनुसार नियुक्ति मिल सके और सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकीय सेवाएं शीघ्र उपलब्ध कराई जा सकें।
महत्वपूर्ण बात यह है कि एक बार विकल्प सबमिट हो जाने के पश्चात उसमें कोई भी परिवर्तन संभव नहीं होगा। इसलिए विभाग ने सभी अभ्यर्थियों से अनुरोध किया है कि वे अत्यंत सावधानी और सोच-विचार के साथ विकल्प भरें। यदि कोई अभ्यर्थी निर्धारित समयसीमा में विकल्प प्रस्तुत नहीं करता है, तो उसे वंचित मानते हुए नियमानुसार अगली कार्यवाही की जाएगी।
इस संपूर्ण प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी रखने के पीछे राज्य सरकार का उद्देश्य यह है कि किसी भी प्रकार की त्रुटि, पक्षपात या विलंब न हो और सभी योग्य चिकित्सकों को शीघ्रता से नियुक्त किया जा सके। पोर्टल आधारित यह प्रणाली ई-गवर्नेंस की दिशा में एक मजबूत पहल मानी जा रही है, जो राजस्थान सरकार की सुशासन प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
यह भी उल्लेखनीय है कि यह पूरी प्रक्रिया विशेष रूप से राजस्थान राज्य के लिए लागू है। सभी चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रदेश के विभिन्न जिलों के ग्रामीण, जनजातीय और दूरस्थ क्षेत्रों में की जाएगी, जिससे वहाँ की स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत हो सकें। राज्य सरकार का यह प्रयास “स्वस्थ राजस्थान, समृद्ध राजस्थान” के विजन की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे राज्य के अंतिम छोर पर बसे नागरिक तक भी गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा पहुंच सके।
Rajasthan जैसे भौगोलिक रूप से विस्तृत और विविधता से भरपूर राज्य में चिकित्सा सेवाएं हर क्षेत्र तक पहुँचाना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। ऐसे में यह नियुक्ति प्रक्रिया राज्य के चिकित्सा ढांचे में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने की क्षमता रखती है। चयनित चिकित्सकों से अपेक्षा की जाती है कि वे सेवा भावना के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए प्रदेश के नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा करें।
अंत में, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने सभी चयनित अभ्यर्थियों से पुनः अपील की है कि वे 4 अगस्त, 2025 से पूर्व राजहैल्थ पोर्टल पर जाकर वांछित सूचनाएं एवं विकल्प भरना सुनिश्चित करें, ताकि उनकी नियुक्ति प्रक्रिया में कोई बाधा न आए और राज्य की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली और अधिक सशक्त हो सके।


