

Rajasthan First Snake Park: कोटा, जिसे शिक्षा नगरी के रूप में जाना जाता है, अब राजस्थान के पहले स्नेक पार्क के रूप में भी अपनी पहचान बना चुका है। बूंदी रोड स्थित हर्बल पार्क के पास बने इस स्नेक पार्क का निर्माण राज्य सरकार के 10 करोड़ रुपए के बजट से किया गया है। Kota Snake Park
केन्द्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण से भी यहां विभिन्न सर्प प्रजातियों को रखने की मंजूरी मिल चुकी है। यह पार्क केवल पर्यटन और जानकारी का केंद्र नहीं बल्कि शोध और चिकित्सा विज्ञान के लिए भी बेहद अहम साबित होगा। पर्यटक यहां सांपों की दुनिया को करीब से देख सकेंगे। जुलाई 2021 में भवन का निर्माण शुरू हो गया। Kota Snake Park
स्नेक पार्क के भूतल पर 9290 वर्ग फीट और प्रथम तल पर 6703 वर्गफीट भवन का निर्माण करीब 7.42 करोड़ रुपए से किया गया है। स्नेक पार्क में मेडिकल व रेपटाइल साइंस के स्टूडेंट्स के अलावा वन विभाग के शोधार्थी भी सर्प, विष और एंटी पॉइजन व अन्य दवाओं पर रिसर्च कर सकेंगे। Kota Snake Park
इसके लिए यहां लैब समेत अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की गई है। स्नेक पार्क में 29 प्रकार के भारतीय, अमरीकन, आस्टे्रलियन समेत अन्य कई प्रजाति के सर्प रखे जाएंगे। भारतीय प्रजातियों में विगैले व विषहीन सर्पों की विभिन्न प्रजातियों के सर्पों को संरक्षित किया जाएगा। Kota Snake Park
इंडियन कोबरा, कॉमन इंडियन करैत, रसल्स वाइपर, नॉन पॉइजन सर्प में इंडियन पॉयथन, रेट स्नेक, चेकर्ड कील ब्लैक, बोंज बेक कील स्नेक, ट्रिनकेट स्नेक, केट स्नेक, ब्रांडेड कुकरी, वॉल्फ स्नेक, रेड स्पोटेड रॉयल, फोरस्टन केट स्नेक, बेंडेड रेचर जैसे भारतीय सर्प रखे जाएंगे। Kota Snake Park
विदेशी सर्प प्रजातियों में मेक्सिकन किंग स्नेक, मिल्क स्नेक, कॉर्न स्नेक और बॉल पॉयथन स्नेक पार्क में रखा जाएगा। दो मंजिला भवन में सर्पों के लिए 29 चैंबर बनाए गए हैं। यहां सर्पों को उनके अनुकूलन के अनुसार रखा जाएगा। रेस्क्यू किए गए सर्पों के लिए एक विशेष चैंबर तैयार किया गया है। Kota Snake Park
मेडिकल यूनिट की व्यवस्था यहां की जाएगी। पार्क को देखने के लिए आने वाले पर्यटकों व बच्चों को जानकारी देने के लिए कॉन्फ्रेंस हॉल, विजिटर्स, बैक ऑफिस समेत अन्य कक्ष व हॉल तैयार किए गए हैं। प्रदेश का पहला स्नेक पार्क तैयार हो गया है। सीजेडए से भी सर्पों को यहां रखने की मंजूरी चुकी है। Kota Snake Park
इससे सर्पों के रिसर्च व वेनम पर भी कार्य हो सकेगा। सर्प संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ेगी। पर्यटक एक स्थान पर विभिन्न सर्प की प्रजातियों को देख सकेंगें। कोटा विश्वविद्यालय में भी सरीसृप विभाग है, ऐसे में यह पार्क अध्ययन की दृष्टि से काफी उपयोगी होगा। कोटा में सर्प संरक्षक डॉ. विनोद महोबिया ने सबसे पहले सर्प संरक्षण का बीड़ा उठाया था। Kota Snake Park
वर्ष 2004 में सर्प संरक्षण व रिसर्च के लिए सर्प उद्यान स्नेक पार्क की योजना बनाई गई। लंबी प्रकिया के बाद 2021 में स्नेक पार्क निर्माण को मंजूरी मिली। राज्य सरकार ने इसके 10 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया गया। भवन बनकर तैयार हो गया है। जल्द इसके संचालन के संबंध में टेंडर किए जाएंगे। इसे जल्द शुरू करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं। Rajasthan First Snake Park


