


आपणी हथाई न्यूज,बीकानेर के देशनोक थाना क्षेत्र में हुए अपहरण कर रातभर बंधक बनाकर पीटने का मामला अब हत्या में तब्दील हो गया है। दरअसल, देशनोक के थाने में लक्ष्मीनारायण सियाग ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया था उसका भाई अशोक शिवजी मंदिर के पीछे नमकीन-प्रसाद की एक दुकान चलाता था। बीती 29 नवंबर की रात करीब 9.15 बजे नरसीराम, जगदीश पुत्र केशुराम गोदारा, ओमप्रकाश गोदारा, सीताराम, ने कैपर में आए और अशोक का अपहरण कर ले गए।
आरोपियों ने अशोक को रातभर बंधक बनाकर रखा और मारपीट की। बाद में उसे गोपाल सिराण की ढाणी गांव चिताणा (नोखा) ले गए। वहां आरोपियों ने लोहे की रॉड, लाठियों व सरियों से जानलेवा हमला किया। जिससे अशोक के शरीर में कई जगह गहरे जख्म हो गए।
दुकानदार युवक को पिटने की वारदात 29 नवम्बर की रात को हुई थी। गंभीर हालत में अस्पताल में उपचार चल रहा था। जहां मौत होने पर रविवार को करीब 15 दिन बाद यह मामला हत्या में तब्दील हो गया। मृतक के परिजनों ने आक्रोशित होकर हत्यारों की गिरफ्तार के लिए प्रदर्शन भी किया है।
वीडियो बनाकर घायल हालत में छोड़ा
परिवादी के अनुसार आरोपियों ने मारपीट का वीडियो बनाया और अगली सुबह करीब छह बजे बेहोशी की हालत में अशोक को चिताणा गांव की रोही में फेंक गए। राहगीर ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने अशोक को देशनोक अस्पताल पहुंचाया, जहां होश आने पर उसने घटनाक्रम की जानकारी दी। पुलिस पूरे ने आरोपियों के खिलाफ जानलेवा हमले अब उपचार के दौरान अब अशोक मौत हो गई।


