


Bikaner Crime आपणी हथाई न्यूज, बीकानेर की अनाज मंडी में शुक्रवार को हुई साढ़े चार लाख रुपये की लूट असल में एक सोची-समझी साजिश थी, जिसका मुख्य साजिशकर्ता कोई और नहीं बल्कि खुद शिकायतकर्ता दूलाराम निकला। पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा के निर्देशन में बीछवाल थाने के कार्यवाहक थानाधिकारी (प्रशिक्षु आरपीएस) गौरव सारस्वत ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 8-9 घंटों के भीतर इस फर्जी लूट की गुत्थी सुलझा ली। पुलिस ने आरोपी दूलाराम और वारदात में उसका साथ देने वाले उसके दोस्त किशोर जाट को गिरफ्तार कर लिया है।
ऐसे रची गई लूट की झूठी कहानी
श्रीबालाजी (नागौर) का रहने वाला 30 वर्षीय दूलाराम अनाज मंडी स्थित ‘बृजमोहन बृजवल्लभ’ फर्म में मुनीम के पद पर कार्यरत है। दूलाराम का परिवार पीढ़ियों से इस फर्म के साथ काम कर रहा था, जिसके चलते वह अपने सेठ का बेहद भरोसेमंद था। शुक्रवार सुबह करीब 11:30 बजे जब दूलाराम मंडी स्थित एसबीआई बैंक से साढ़े चार लाख रुपये निकालकर ला रहा था, तभी पहले से रची गई योजना के अनुसार उसके ही गांव के रहने वाले दोस्त किशोर जाट ने बाइक पर आकर उससे पैसे लूटने का नाटक किया और मौके से फरार हो गया।
हाव-भाव से खुली पोल और टूटा दशकों का भरोसा
लूट की वारदात के बाद जब पुलिस मौके पर पहुंची और दूलाराम से पूछताछ शुरू की, तो उसके संदिग्ध हाव-भाव और बयानों ने पुलिस के कान खड़े कर दिए। पुलिस ने उसे थाने ले जाकर सख्ती से पूछताछ की, जिसके बाद वह टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने उसके साथी किशोर को भी दबोच लिया। पुलिस के अनुसार लूटी गई राशि उनके रडार पर है और जल्द ही आधिकारिक तौर पर बरामद कर ली जाएगी। पीढ़ियों तक फर्म के वफादार रहे परिवार के युवक ने आखिर जुए, सट्टे, नशे या किसी लालच में आकर यह विश्वासघात क्यों किया, पुलिस फिलहाल इसके मूल कारणों की गहनता से जांच कर रही है।


