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Bikaner : अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में उजड़ गई गरीब महिलाओं की रोजी-रोटी,प्रशासन तक नही पहुंच रही आवाज

आपणी हथाई न्यूज, बीकानेर के गंगानगर सर्किल पर शनिवार को हुई अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई ने सांसी समाज की कई गरीब महिलाओं की जिंदगी पर गहरा असर छोड़ दिया। रोज सड़क किनारे बैठकर चूड़ियां और छोटा-मोटा घरेलू सामान बेचकर परिवार का पेट पालने वाली इन महिलाओं का आरोप है कि निगम प्रशासन ने बिना किसी पूर्व सूचना के उनके सामान रखने वाले खोखे उठा लिए और जब्त कर लिए।

महिलाओं का कहना है कि कार्रवाई के दौरान सिर्फ खोखे ही नहीं हटाए गए, बल्कि उनमें रखा हजारों रुपये का सामान भी बुरी तरह टूट गया। चूड़ियां, सजावटी सामान और रोजमर्रा की बिक्री का पूरा माल क्षतिग्रस्त हो गया। जिन हाथों से घर का चूल्हा जलता था, आज वही हाथ टूटे सामान के टुकड़े समेटते नजर आ रहे हैं।पीड़ित महिलाओं के अनुसार उनका जब्त किया गया खोखा और बचा हुआ सामान अब भी ट्रैफिक पुलिस के पास पड़ा है। लेकिन जिन परिवारों की रोज की कमाई इसी पर निर्भर थी, उनके सामने अब दो वक्त की रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

अपनी फरियाद लेकर ये महिलाएं दो दिनों से सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रही हैं। वे अपने नुकसान का मुआवजा मांग रही हैं, ताकि फिर से किसी तरह रोजी-रोटी का साधन जुटा सकें। हालात ये है कि नगर निगम के उपायुक्त यशपाल आहूजा ने उनसे मिलने तक से इनकार कर दिया और इस मामलें में कलेक्टर से मिलने की बात कह दी

अब हालात यह हैं कि ये गरीब महिलाएं हाथ में एक कागज लिए दफ्तर-दफ्तर भटक रही हैं। उस कागज में उनका दर्द लिखा है, लेकिन सुनने वाला कोई नहीं। जिन महिलाओं ने कभी सरकार से कुछ नहीं मांगा, वे आज सिर्फ इतना चाहती हैं कि उनका टूटा सामान, उजड़ी दुकान और बुझते चूल्हे की पीड़ा कोई समझे। यह सिर्फ अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं थी, बल्कि कई गरीब परिवारों की रोजी-रोटी पर चला बुलडोजर था। अब सवाल यह है कि क्या इन महिलाओं की पुकार प्रशासन तक पहुंचेगी, या उनका दर्द कागजों में दबकर रह जाएगा?



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