


आपणी हथाई Bikaner न्यूज,शिक्षा किसी भी समाज की सबसे बड़ी पूंजी होती है। जिस समाज में प्रतिभाओं का सम्मान और शिक्षा को प्रोत्साहन मिलता है, वही समाज विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करता है।” इसी उद्देश्य को लेकर **राजस्थान प्रांतीय शाकद्वीपीय ब्राह्मण महासभा** द्वारा जल्द ही प्रांत स्तरीय प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा। यह भव्य आयोजन पूरे राजस्थान के शाकद्वीपीय समाज के लिए प्रांतीय स्तर पर आयोजित होगा, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धि हासिल करने वाली प्रतिभाओं को मंच प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा।
इन श्रेणियों में मिलेगा सम्मान:
महासभा के शिक्षा प्रकोष्ठ संयोजक **जेठमल शर्मा के अनुसार, सत्र 2024–25 के दौरान निम्नलिखित श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले समाजजनों को सम्मानित किया जाएगा:
शैक्षणिक क्षेत्र: कक्षा 5, 8, 10 एवं 12 (बोर्ड परीक्षा), स्नातक (Graduation) तथा स्नातकोत्तर (Post Graduation)।
प्रतियोगी परीक्षा: सरकारी सेवा में चयनित अभ्यर्थी।
सह-शैक्षणिक व अन्य क्षेत्र: राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर खेल, कला एवं सांस्कृतिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले तथा अन्य विशेष उपलब्धि प्राप्त करने वाले समाज के होनहार।
आवेदन प्रक्रिया और महत्वपूर्ण तिथियाँ:
महासभा के शिक्षा प्रकोष्ठ सह संयोजक **राजेंद्र शर्मा** ने बताया कि प्रतिभा सम्मान के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है:
अंतिम तिथि: आवेदन करने की अंतिम तिथि 20 जुलाई निर्धारित की गई है।
कैसे करें आवेदन:इच्छुक प्रतिभागी महासभा द्वारा निर्धारित मोबाइल नंबर पर संदेश (Message) भेजकर आवेदन लिंक प्राप्त कर सकते हैं तथा आवश्यक दस्तावेजों सहित अपना फॉर्म ऑनलाइन भर सकते हैं।
महासभा के संगठन मंत्री जुगल किशोर सेवग ने स्पष्ट किया कि इस समारोह का आयोजन आगामी अगस्त माह में किया जाएगा, जिसकी निश्चित तिथि एवं स्थान की घोषणा शीघ्र ही पृथक से की जाएगी। यह सम्मान समारोह विशेष रूप से केवल शाकद्वीपीय समाज के प्रतिभागियों के लिए ही आयोजित किया जा रहा है।
समाज के उज्ज्वल भविष्य का सम्मान:
महासभा के अध्यक्ष गणेश दास सेवग ने समाज के सभी अभिभावकों, विद्यार्थियों एवं युवाओं से इस गरिमामयी समारोह में अधिक से अधिक संख्या में आवेदन करने का आह्वान किया है। उन्होंने प्रेरणा देते हुए कहा आज की प्रतिभा ही कल का नेतृत्व करती है। शिक्षा, संस्कार और सम्मान किसी भी समाज की वास्तविक पहचान हैं। प्रतिभाओं का सम्मान केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे समाज के उज्ज्वल भविष्य का सम्मान है।


