Politics आपणी हथाई न्यूज, राजस्थान में निकाय और पंचायत चुनावों की घोषणा के बाद से अचानक सोशल मीडिया पर नित-नए नेता हाथ जोड़े पोस्टर पर नजर आने लगे है। हालांकि इस बीच नगर निगम प्रशासन की ओर से जारी हुआ एक आदेश निगम पार्षद चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवारों की राह में बाधा उत्त्पन्न कर सकता है।
दरअसल, निगम के इस आदेश के अनुसार उम्मीदवार को अपना नगरीय विकास कर (यूडी टैक्स) व अन्य कोई बकाया निगम को जमा करवाना होगा। इसके बाद ही उन्हें नो ड्यूज सर्टिफिकेट जारी होगा जिसके बाद ही उम्मीदवार चुनाव लड़ पाएंगे।
इस संबंध में नगर निगम प्रशासन ने आदेश जारी कर सभी जोन कार्यालयों को निर्देश दिए है। इस आदेश के अनुसार चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को संबंधित ज़ोन कार्यालय से नो ड्यूज सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य होगा । यदि किसी व्यक्ति पर यूडी टैक्स या निगम का कोई अन्य बकाया है तो उसे सर्टिफिकेट जारी नहीं किया जाएगा । उम्मीदवार चुनाव लड़ने के लिए पात्रता पूरी नहीं कर पाएगा ।
राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2009 की धारा 24 के प्रावधानों के तहत व्यवस्था लागू की जा रही है इसके अनुसार यदि किसी व्यक्ति पर नगर निगम का 2 साल से अधिक समय का बकाया है और उसकी वसूली की कार्रवाई पूरी हो चुकी है तो नगर पालिका चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य माना जायेगा।
इसी तरह पूर्व पार्षदों और चेयरमैन के लिए भी एक अलग व्यवस्था की गई है जिसमें उन्हें मुख्यालय से नो ड्यूज सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा। नो ड्यूज सर्टिफिकेट जारी करने से पहले यह सुनिश्चित किया जाएगा कि उन्होंने निगम की ओर से उपलब्ध कराए गए लैपटॉप, फर्नीचर और अन्य सरकारी सामान वापस कर दिए हैं तो शाखा से रिपोर्ट मिलने के बाद ही उन्हें ‘नो ड्यूज’ जारी किया जाएगा।


