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Bikaner: बीकानेर में सजेगी शास्त्रीय संगीत की सुरमयी शाम, ‘स्वराभिषेक 2026’ का आयोजन 22 अगस्त को

आपणी हथाई Bikaner न्यूज,भारतीय शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा, गुरु-शिष्य संस्कृति और सुर-ताल की साधना को समर्पित ‘स्वराभिषेक 2026’ का भव्य आयोजन आगामी 22 अगस्त 2026 को शाम 6:30 बजे से धरणीधर महादेव ऑडिटोरियम, सिटी सेंटर, बीकानेर में किया जाएगा। कार्यक्रम के मीडिया प्रभारी नवल श्रीमाली ने बताया कि सृजिका फाउंडेशन द्वारा आयोजित यह वार्षिक संगीत समारोह इस वर्ष प्रख्यात तबला वादक एवं श्रद्धेय गुरु स्वर्गीय पं. नारायण दास रंगा जी तथा कला-संगीत के प्रख्यात संरक्षक श्री गोपाल शंकर आचार्य जी की पावन स्मृति एवं विरासत को समर्पित है।

कार्यक्रम में भारतीय शास्त्रीय संगीत की विविध विधाओं का मनोहारी प्रस्तुतिकरण होगा। समारोह की शुरुआत श्री अश्मित व्यास, कोलकाता के शास्त्रीय गायन से होगी। उनके साथ मुरारी शर्मा तबले पर तथा डॉ. अनुपराज पुरोहित हारमोनियम पर संगत करेंगे। इसके पश्चात श्री हुल्लास पुरोहित शास्त्रीय गायन प्रस्तुत करेंगे, जिनके साथ श्री कपिल वैष्णव तबले पर तथा डॉ. अनुपराज पुरोहित हारमोनियम पर संगत करेंगे।

समारोह का विशेष आकर्षण बनारस घराने के वरिष्ठ तबला वादक पं. किशन रामदोहकर जी का भव्य तबला एकल वादन होगा। पं. रामजी मिश्रा जी के वरिष्ठ शिष्य पं. किशन रामदोहकर अपनी विशिष्ट वादन शैली से रसिक श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगे। उनके साथ हारमोनियम पर डॉ. अनुपराज पुरोहित संगत करेंगे। यह प्रस्तुति गुरु-शिष्य परंपरा की उस महान विरासत को समर्पित होगी, जिसमें लय, साधना और संस्कार पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ते हैं।

गुरुओं की स्मृति को समर्पित विशेष आयोजन

‘स्वराभिषेक 2026’ केवल एक संगीत कार्यक्रम नहीं, बल्कि संगीत के प्रति समर्पण, गुरुजनों के प्रति कृतज्ञता और भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का एक प्रयास है। स्वर्गीय पं. नारायण दास रंगा जी को याद करते हुए समारोह में उनके संगीत योगदान, गुरु रूप में उनकी भूमिका तथा भारतीय शास्त्रीय संगीत के प्रचार-प्रसार के प्रति उनके समर्पण को श्रद्धापूर्वक नमन किया जाएगा।

इसी क्रम में कला एवं संगीत के संरक्षक श्री गोपाल शंकर आचार्य जी की स्मृति एवं योगदान को भी सम्मानपूर्वक याद किया जाएगा।

विशिष्ट अतिथि एवं सम्मान समारोह

समारोह में पं. नथमल जी पुरोहित, प्रख्यात ज्योतिषाचार्य एवं कर्मकाण्ड भास्कर तथा पं. जुगल किशोर जी ‘पुजारी बाबा’, गायत्री परिवार के प्रख्यात सामाजिक एवं आध्यात्मिक व्यक्तित्व, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।

कार्यक्रम के दौरान संगीत एवं सांस्कृतिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभूतियों को ‘लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड’ से सम्मानित किया जाएगा। इनमें गुरु माँ गीता देवी जी, स्वर्गीय पं. नारायण दास रंगा जी की धर्मपत्नी; प्रख्यात भक्ति एवं शास्त्रीय गायक पं. शिव-बद्री जी सुथार तथा प्रख्यात भक्ति एवं शास्त्रीय गायक पं. सांवरलाल जी रंगा शामिल हैं।

सुर और ताल के इस उत्सव में सभी आमंत्रित

सृजिका फाउंडेशन के कार्यक्रम संयोजक मुरारी शर्मा के अनुसार, ‘स्वराभिषेक’ का उद्देश्य भारतीय शास्त्रीय संगीत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना, कलाकारों को मंच प्रदान करना और संगीत की गुरु-शिष्य परंपरा को जीवंत बनाए रखना है। कार्यक्रम में प्रवेश सभी के लिए खुला रहेगा।

आयोजकों ने बीकानेर के संगीतप्रेमियों, कला-संस्कृति से जुड़े लोगों और आम नागरिकों से इस विशेष संगीतमयी संध्या में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कलाकारों का उत्साहवर्धन करने तथा महान गुरुओं की स्मृति को नमन करने का आह्वान किया है।



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