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Politics : कल्ला के घर से चुनावी एंट्री ने बदला बीकानेर का सियासी गणित! महेंद्र की दावेदारी से बढ़ी हलचल

Politics आपणी हथाई न्यूज,निकाय चुनाव 2026 की सरगर्मियों के बीच शहर की राजनीति में एक ऐसी सियासी एंट्री ने हलचल बढ़ा दी है, जिसने कांग्रेस के भीतर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। कांग्रेस के पूर्व कैबिनेट मंत्री बीडी कल्ला के भतीजे और पूर्व शहर कांग्रेस अध्यक्ष जनार्दन कल्ला के बेटे महेंद्र कल्ला ने वार्ड नंबर 73 से पार्षद पद के लिए दावेदारी पेश कर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।

खास बात यह है कि महेंद्र कल्ला की दावेदारी ऐसे समय सामने आई है, जब महज दो दिन पहले पूर्व मंत्री बीडी कल्ला ने मीडिया के सामने साफ तौर पर कहा था कि उनके परिवार से कोई चुनाव नहीं लड़ेगा। ऐसे में पिछले 24 घंटों में बदले घटनाक्रम ने कांग्रेस की स्थानीय राजनीति को अचानक नया मोड़ दे दिया है। कल्ला परिवार से चुनावी मैदान में उतरने की खबर सामने आते ही राजनीतिक समीकरणों को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।

राजनीतिक जानकारों की मानें तो महेंद्र कल्ला की यह दावेदारी सिर्फ एक वार्ड से पार्षद बनने तक सीमित नजर नहीं आ रही। इसे कल्ला परिवार की राजनीति में नई पीढ़ी की औपचारिक एंट्री के तौर पर भी देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि वार्ड 73 से चुनाव लड़कर महेंद्र कल्ला शहर की राजनीति में अपनी जमीन मजबूत करने के साथ भविष्य के लिए दूसरे राजनीतिक विकल्पों की तलाश भी कर सकते हैं।

हालांकि फिलहाल बीडी कल्ला की सक्रियता और शहर की राजनीति में उनकी मजबूत मौजूदगी को देखते हुए महेंद्र कल्ला के लिए निकाय चुनाव से आगे की तस्वीर साफ नहीं है। लेकिन इतना जरूर है कि उनकी दावेदारी ने कल्ला परिवार की अगली राजनीतिक पारी को लेकर चर्चा शुरू कर दी है। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि वार्ड 73 की सियासी जंग में महेंद्र कल्ला को पार्टी का टिकट मिलता है या नहीं और अगर मिलता है तो उनकी चुनावी एंट्री कांग्रेस के भीतर किस तरह के नए समीकरण पैदा करती है।

कल्ला परिवार की नई पीढ़ी की यह सियासी दस्तक फिलहाल एक वार्ड की दावेदारी है, लेकिन बीकानेर की राजनीति में इसके मायने इससे कहीं बड़े माने जा रहे हैं।

गिरीश कुमार श्रीमाली



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