Homeपॉलिटिकल पाटाElection Update: कांग्रेस में टिकट वितरण में देरी से बढ़ी दावेदारों की...

Election Update: कांग्रेस में टिकट वितरण में देरी से बढ़ी दावेदारों की बेचैनी, देरी की यह वजह आई सामने

आपणी हथाई Election update: निकाय चुनाव को लेकर बीकानेर में राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज होती जा रही हैं। वार्डों में टिकट को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों के संभावित प्रत्याशी अपनी-अपनी तैयारियों में जुटे हुए हैं। हालांकि, कांग्रेस में टिकट वितरण की प्रक्रिया में हो रही देरी के चलते दावेदारों और उनके समर्थकों में बेचैनी बढ़ती दिखाई दे रही है।

कांग्रेस के टिकट के दावेदार लगातार पार्टी के स्थानीय नेताओं और अपने संपर्कों के जरिए टिकट वितरण को लेकर स्थिति की जानकारी लेने में जुटे हैं। कई दावेदारों की नजरें पार्टी की ओर से होने वाली आधिकारिक घोषणा पर टिकी हुई हैं। टिकट को लेकर स्पष्ट तस्वीर सामने नहीं आने के कारण कई वार्डों में संभावित प्रत्याशी भी असमंजस की स्थिति में नजर आ रहे हैं।

दूसरी ओर भाजपा में कुछ संभावित दावेदारों को पार्टी की ओर से सकारात्मक संकेत मिलने की चर्चा है। इसके बाद ऐसे दावेदारों ने अपने-अपने वार्डों में जनसंपर्क बढ़ाना शुरू कर दिया है। हालांकि, जब तक पार्टी की ओर से अधिकृत प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी नहीं होती, तब तक किसी भी नाम को आधिकारिक प्रत्याशी मानना जल्दबाजी होगी।

भाजपा के संभावित प्रत्याशियों की सक्रियता का असर कांग्रेस की रणनीति पर भी दिखाई देने की चर्चा है। राजनीतिक हलकों में यह माना जा रहा है कि कांग्रेस कई वार्डों में भाजपा के संभावित प्रत्याशियों और उनकी राजनीतिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए अपने प्रत्याशी तय कर सकती है।

सूत्रों के अनुसार कांग्रेस में टिकट वितरण में देरी की एक प्रमुख वजह कुछ ऐसे वार्ड बताए जा रहे हैं, जहां संभावित दावेदारों को लेकर अभी तक पूरी तरह सहमति नहीं बन पाई है। कई वार्डों में एक से अधिक मजबूत दावेदार होने के कारण पार्टी के सामने चयन को लेकर चुनौती बनी हुई है।

ऐसे वार्डों में पार्टी स्थानीय समीकरण, दावेदार की जीतने की संभावना, संगठन में सक्रियता और वार्ड में उसके प्रभाव जैसे विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर अंतिम निर्णय लेने की कोशिश कर रही है। यही वजह बताई जा रही है कि कांग्रेस सभी वार्डों के लिए एक साथ अंतिम सूची जारी करने के बजाय आंतरिक स्तर पर लगातार मंथन कर रही है।

सूत्रों का दावा है कि कांग्रेस की रणनीति केवल अपने दावेदारों के नाम तय करने तक सीमित नहीं है, बल्कि भाजपा के संभावित प्रत्याशियों की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है। जिन वार्डों में भाजपा की ओर से मजबूत चेहरा सामने आता है, वहां कांग्रेस भी उसके मुकाबले उपयुक्त प्रत्याशी उतारने की रणनीति पर विचार कर सकती है।

हालांकि, पार्टी की ओर से इस रणनीति को लेकर अभी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में अंतिम सूची जारी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि दोनों प्रमुख दलों ने किस वार्ड में किस चेहरे पर दांव लगाया है।

टिकट की घोषणा में देरी के बावजूद संभावित दावेदारों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। कई दावेदार लगातार वार्ड के प्रमुख लोगों से संपर्क कर रहे हैं और अपने समर्थन में माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। समर्थक भी सोशल मीडिया और व्यक्तिगत संपर्कों के जरिए अपने-अपने नेताओं के पक्ष में माहौल बनाने में जुटे हुए हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि कांग्रेस की ओर से टिकट की घोषणा कब होती है और किन दावेदारों को पार्टी अपना अधिकृत प्रत्याशी बनाती है। टिकट वितरण के साथ ही कई वार्डों में चुनावी तस्वीर पूरी तरह साफ होने की उम्मीद है और इसके बाद बीकानेर के 80 वार्डों में चुनावी मुकाबला और अधिक रोचक हो सकता है।



ताजा खबर