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मेसी का भावुक विदाई संदेश: अर्जेंटीना की जर्सी को कहा अलविदा, बोले- अब स्टैंड्स में बैठकर करूंगा टीम को चीयर

आपणी हथाई न्यूज, फुटबॉल की दुनिया के महानतम खिलाड़ियों में शुमार लियोनेल मेसी ने अर्जेंटीना की राष्ट्रीय टीम के साथ अपने दो दशक से ज्यादा लंबे सफर पर विराम लगा दिया है। 39 वर्षीय मेसी ने सोमवार को अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक भावुक पोस्ट साझा कर अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास का ऐलान किया। हालांकि, यह उनके फुटबॉल करियर का पूर्ण अंत नहीं है। मेसी क्लब स्तर पर इंटर मियामी के लिए खेलना जारी रखेंगे।

मेसी का यह फैसला 2026 विश्व कप फाइनल में स्पेन के खिलाफ अर्जेंटीना की हार और कुछ ही समय बाद अपने पिता जॉर्ज मेसी को खोने के बाद आया है। 19 जुलाई को खेले गए विश्व कप फाइनल में अर्जेंटीना को स्पेन के हाथों अतिरिक्त समय में 1-0 से हार का सामना करना पड़ा था। मेसी ने बताया कि उन्होंने फाइनल के दो दिन बाद ही अपने संन्यास से जुड़ा पत्र लिख लिया था, लेकिन पिता के निधन के बाद उनका फैसला और मजबूत हो गया।

मेसी ने अपनी पोस्ट में इस फैसले को बेहद मुश्किल बताते हुए अर्जेंटीना की जर्सी के साथ अपने पूरे सफर को याद किया। उन्होंने लिखा कि टीम के लिए उन्होंने हर दौर में अपना सब कुछ दिया, चाहे वह खिताब जीतने का दौर रहा हो या उससे पहले का संघर्षपूर्ण समय।

नए खिलाड़ियों के लिए रास्ता छोड़ने का फैसला

मेसी ने अपनी विदाई में इस बात का भी जिक्र किया कि अब समय आ गया है कि अर्जेंटीना की नई पीढ़ी को राष्ट्रीय टीम में आगे बढ़ने का अवसर मिले। उनका मानना है कि टीम में कई प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ी मौजूद हैं, जो इस मौके के हकदार हैं।

प्रशंसकों का जताया आभार

अर्जेंटीना की राष्ट्रीय टीम के साथ मेसी का सफर दो दशक से अधिक समय तक चला। उन्होंने छह विश्व कप खेले और 2022 में अर्जेंटीना को विश्व चैंपियन बनाया। 2026 में टीम को एक बार फिर विश्व कप फाइनल तक पहुंचाने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई, हालांकि इस बार खिताब स्पेन के नाम रहा।

मेसी ने कहा कि अब वह मैदान के अंदर से नहीं, बल्कि दर्शक दीर्घा में बैठकर अर्जेंटीना की टीम का समर्थन करेंगे। उन्होंने अपने परिवार, कोचों, साथियों और प्रशंसकों के साथ-साथ भगवान का भी आभार जताया।

मेसी के शब्दों में उनकी पूरी भावना

मेसी ने अपनी पोस्ट में लिखा:

“यह फैसला लेना बहुत तकलीफदेह था और आज भी दिल दुखता है पर मुझे लगता है कि यही सही समय है। मैंने इस जर्सी के लिए हमेशा अपना सब कुछ न्योछावर किया है। चाहे वो दौर हो जब हमने सब कुछ जीता, या उससे पहले का दौर।

मेरी उम्र और वक्त दोनों ढल रहे हैं. मेरे पास अर्जेंटीना की टीम को देने के लिए अब कुछ और नहीं बचा है. इसके अलावा देश में कई बेहतरीन युवा खिलाड़ी आ रहे हैं जो इस मौके के हकदार हैं।

20 सालों के इस लंबे और खूबसूरत सफर में मुझे जो प्यार मिला, उसके लिए शुक्रिया. अब मैं मैदान के अंदर से नहीं, बल्कि स्टैंड्स में बैठकर आप ही की तरह टीम को चीयर करूंगा।

मैं भारी मन से लेकिन गर्व के साथ जा रहा हूं क्योंकि हमने अपने देश को वो पल दिए, जिनका कभी सपना देखा जाता था।

मुझे अर्जेंटीनियन बनाने के लिए शुक्रिया, भगवान. लेट्स गो, अर्जेंटीना!”

पिता की मौत ने बदला फैसला

मेसी के इस फैसले के पीछे उनके पिता जॉर्ज मेसी की मौत भी एक बड़ा भावनात्मक कारण रही। जॉर्ज मेसी का अगस्त में 68 वर्ष की उम्र में निधन हुआ था। वह लंबे समय तक लियोनेल मेसी के करियर में बेहद अहम भूमिका निभाते रहे और उनके प्रतिनिधि भी रहे। पिता के निधन के बाद मेसी ने सार्वजनिक रूप से अपने भविष्य को लेकर गहरी भावनाएं व्यक्त की थीं।

अर्जेंटीना के लिए मेसी की विरासत

मेसी अर्जेंटीना के लिए छह विश्व कप में खेले और 2022 में कतर में टीम को विश्व कप जिताया। इसके अलावा उन्होंने अर्जेंटीना को कोपा अमेरिका के खिताब भी दिलाए। 2026 विश्व कप में स्पेन के खिलाफ फाइनल हार के साथ उनका राष्ट्रीय टीम के लिए अंतिम मुकाबला भी खेला गया।

अब अर्जेंटीना की जर्सी में मेसी को देखने का दौर खत्म हो गया है, लेकिन क्लब फुटबॉल में उनका सफर जारी रहेगा। इंटर मियामी के साथ उनका अनुबंध 2028 तक है।

मेसी की विदाई सिर्फ एक खिलाड़ी का संन्यास नहीं, बल्कि अर्जेंटीना फुटबॉल के एक ऐसे युग का अंत है, जिसमें संघर्ष, आलोचना, विश्व कप की निराशा, ऐतिहासिक खिताब और अंततः विश्व चैंपियन बनने की कहानी शामिल रही।

 



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