Rajasthan आपणी हथाई न्यूज,राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बीते दो दिनों में अलग-अलग जिलों में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कई अधिकारियों-कर्मचारियों पर शिकंजा कसा है। जयपुर ग्रामीण में अमरसर थाने के कांस्टेबल रतनलाल आर्य को 40 हजार रुपए की रिश्वत लेते कथित दलाल राकेश मीणा के साथ गिरफ्तार किया गया। एसीबी के अनुसार, परिवादी के पक्ष में जांच करने के बदले रिश्वत की मांग की गई थी। शिकायत का सत्यापन कराने के बाद टीम ने ट्रैप की कार्रवाई की और दोनों को पकड़ लिया। वहीं प्रतापगढ़ में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जीवराज मीणा और सीएमएचओ कार्यालय में संविदाकर्मी महेश पाटीदार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि दोनों ने एक निजी अस्पताल संचालक से सोनोग्राफी सेवाओं, ‘मां आयुष्मान’ योजना के तहत समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर और दोनों अस्पतालों के मासिक भुगतान से जुड़े काम के एवज में 2.75 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी।
उधर, उदयपुर में भी एसीबी ने बिजली कनेक्शन के नाम पर रिश्वत मांगने वाले अवर अभियंता (JEN) सागर मीणा को 10 हजार रुपए लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। मामला देबारी स्थित अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (AVVNL) कार्यालय से जुड़ा है। परिवादी ने खाम की मादड़ी गांव में निर्माणाधीन मकान के लिए घरेलू बिजली कनेक्शन हेतु ई-मित्र के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया था। 18 अगस्त को सागर मीणा और लाइनमैन प्रेमजी ने मौके पर सर्वे किया। इसके बाद सागर मीणा ने सरकारी मांग राशि के अलावा 35 हजार रुपए ‘खर्चा-पानी’ के नाम पर मांगे। परिवादी के विरोध के बाद सौदा 15 हजार रुपए में तय हुआ। आरोपी ने कथित तौर पर पैसे नहीं देने तक फाइल आगे नहीं बढ़ाने की बात कही। गोपनीय सत्यापन के दौरान उसने 5 हजार रुपए अग्रिम भी ले लिए थे।
इसके बाद एसीबी ने ट्रैप की योजना बनाई। परिवादी ने देबारी कार्यालय में जैसे ही JEN सागर मीणा को 10 हजार रुपए दिए, एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। इस तरह पिछले दो दिनों में जयपुर ग्रामीण, प्रतापगढ़ और उदयपुर में हुई इन कार्रवाइयों ने सरकारी तंत्र में रिश्वतखोरी के खिलाफ एसीबी की सख्ती को सामने रखा है। तीनों मामलों में अलग-अलग स्तर पर रिश्वत की मांग और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। एसीबी द्वारा नियमानुसार आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई की जा रही है।


