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बीकानेर में नहरबंदी का संकट: 21 मार्च से बदलेगी पानी की व्यवस्था, प्रशासन ने कसी कमर

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आपणी हथाई बीकानेर न्यूज,शहर में आगामी दिनों में होने वाली नहरबंदी को देखते हुए जिला प्रशासन और जलदाय विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। इस बार नहरबंदी को दो चरणों में लागू किया जा रहा है। 21 मार्च से 4 अप्रैल तक आंशिक (partial) नहरबंदी रहेगी, जिसके दौरान जलाशयों को पानी की आपूर्ति जारी रहेगी। इसके ठीक बाद, 5 अप्रैल से 5 मई तक पूर्ण नहरबंदी लागू होगी, जो शहर की पेयजल व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।

जलाशयों की स्थिति और आपूर्ति का गणित
बीकानेर शहर की प्यास बुझाने के लिए बीछवाल और शोभासर जलाशयों से रोजाना 145 एमएलडी (MLD) पानी की आवश्यकता होती है। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार:

बीछवाल जलाशय: इसकी कुल क्षमता 6.2 मीटर है, जिसमें अभी 4 मीटर पानी उपलब्ध है (2.2 मीटर खाली)।

शोभासर जलाशय: इसकी क्षमता 5.5 मीटर है, जबकि फिलहाल इसमें 2.85 मीटर पानी है (2.65 मीटर खाली)।

प्रशासन का लक्ष्य आंशिक नहरबंदी के दौरान इन दोनों जलाशयों को पूरी तरह भरने का है। यदि ये दोनों जलाशय लबालब भर जाते हैं, तो शहर को बिना किसी बाहरी स्रोत के लगातार 18 दिनों तक पानी की सप्लाई दी जा सकती है।

कैसी रहेगी पानी की सप्लाई?
पूर्ण नहरबंदी (5 अप्रैल से 5 मई) के दौरान शहरवासियों को पानी की किल्लत न हो, इसके लिए एक विशेष सप्लाई प्लान तैयार किया गया है। शुरुआती सात दिनों तक नियमित जलापूर्ति की जाएगी, जिसके बाद पानी की बचत सुनिश्चित करने के लिए एक दिन छोड़कर (एकान्तर) सप्लाई दी जाएगी। इंदिरा गांधी नहर परियोजना और जलदाय विभाग के अधिकारी सक्रिय रूप से इस पूरी व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं ताकि भीषण गर्मी के मौसम में आमजन को निर्बाध रूप से पेयजल मिलता रहे।



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