


Bikaner आपणी हथाई न्यूज, शहर के सबसे लंबे और सबसे व्यस्त कोटगेट और सांखला रेलवे फाटक विवाद मामले में राजस्थान हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए रेलवे, नगर निगम और बीकानेर विकास प्राधिकरण (BDA) से जवाब तलब किया है । वर्षो पुरानी इस समस्या के समाधान को लेकर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा है कि शहरवासियों को वर्षों से इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है क्या इसके समाधान के लिए अब तक कोई ठोस कदम उठाए गए हैं।
मुख्य न्यायाधीश एसपी शर्मा और न्यायमूर्ति संदीप पुरोहित की खंडपीठ में सुनवाई के दौरान संबंधित विभागों से उपलब्ध विकल्पों प्रस्तावित योजना और फाटकों पर लगने वाले जाम से राहत दिलाने के उपायों की जानकारी मांगी है साथ ही अदालत ने वैकल्पिक मार्ग या रेलवे ओवरब्रिज निर्माण की संभावना है मौजूद है तो उन्हें लाने में देरी के कारण को भी पूछा है।
याचिकाकर्ता एवं पूर्व विधायक आर के दास गुप्ता की ओर से दायर याचिका में शहर की इस गंभीर समस्या के स्थायी समाधान को लेकर अपना पक्ष रखा। गुप्ता ने कहा कि बीकानेर में स्वीकृत मास्टर प्लान में रेल बाईपास का प्रावधान पहले से मौजूद है। वर्ष 1992 में तत्कालीन रेल मंत्री और मुख्यमंत्री ने बीकानेर दौरे के दौरान रेल बाई पास को समाधान माना था और इसके लिए वर्ष 2002 में 60 करोड रुपए देने का निर्णय हुआ और वर्ष 2003-2004 की रेलवे पिंक बुक में से शामिल किया गया और 2005 में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को भी शुरू किया गया था।
अब मामले की अगली सुनवाई 4 अगस्त को निर्धारित की गई है जिसमें संबंधी विभागों को अपना पक्ष और प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।


