

आपणी हथाई न्यूज, बीकानेर के एक 10 वर्ष पुराने चैक बाउंस मामले में अदालत के आदेश के बाद नया मोड़ आ गया है। विशिष्ट न्यायिक मजिस्ट्रेट (एन.आई. एक्ट प्रकरण) संख्या-02 बीकानेर की पीठासीन अधिकारी श्रीमती भारती पाराशर ने अभियुक्त प्रेम कुमार सेठिया निवासी भीनासर द्वारा प्रस्तुत प्रार्थना-पत्र स्वीकार करते हुए विवादित चैक को एफएसएल जांच के लिए भेजने के आदेश जारी किए हैं। यह आवेदन अभियुक्त पक्ष की ओर से अधिवक्ता गोपाल लाल हर्ष और अधिवक्ता निमिषा शर्मा के माध्यम से पेश किया गया था।
जानकारी के अनुसार करीब दस वर्ष पुराने चैक अनादरण प्रकरण “संजय कुमार चौधरी बनाम प्रेम कुमार सेठिया” में सुनवाई के दौरान अभियुक्त पक्ष ने दावा किया कि विवादित चैक पर अंकित राशि, दिनांक और अन्य लिखावट संदिग्ध है तथा इसकी वैज्ञानिक जांच कराना आवश्यक है। बचाव पक्ष ने न्यायालय के समक्ष विभिन्न दस्तावेज प्रस्तुत करते हुए हस्तलेखन एवं हस्ताक्षर विशेषज्ञ से जांच करवाने की मांग की थी।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने निष्पक्ष एवं प्रभावी सुनवाई के लिए एफएसएल जांच को जरूरी माना। अदालत ने आदेश दिए हैं कि विवादित चैक और संबंधित दस्तावेज जांच के लिए भेजे जाएं। साथ ही अभियुक्त को अपने पूर्व स्वीकृत हस्ताक्षर वाले दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि तुलनात्मक परीक्षण किया जा सके।
कानूनी जानकारों के अनुसार एफएसएल रिपोर्ट इस मामले के अंतिम निर्णय में अहम भूमिका निभा सकती है। माना जा रहा है कि जांच रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो सकेगा कि चैक पर हस्ताक्षर के अलावा अन्य प्रविष्टियां किसके द्वारा की गई थीं। वहीं अभियुक्त पक्ष के अधिवक्ता गोपाल लाल हर्ष और निमिषा शर्मा ने कहा कि वैज्ञानिक जांच से मामले की वास्तविकता सामने आएगी और न्यायिक प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी।


