जीएसटी में बदलाव : अब रोजमर्रा की चीजें सस्ती तो विलासिता की चीजें महंगी, अब सिर्फ दो टैक्स,जानिए क्या-क्या हुआ सस्ता-महंगा ? - Aapni Hathai - आपणी हथाई
Tuesday, March 10, 2026
Homeबीकानेरजीएसटी में बदलाव : अब रोजमर्रा की चीजें सस्ती तो विलासिता की...

जीएसटी में बदलाव : अब रोजमर्रा की चीजें सस्ती तो विलासिता की चीजें महंगी, अब सिर्फ दो टैक्स,जानिए क्या-क्या हुआ सस्ता-महंगा ?

- Advertisement -Ads

आपणी हथाई न्यूज, दिल्ली में बुधवार को जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक हुई। इस बैठक में ही कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के गुड सर्विस टैक्स यानि कि जीएसटी टैक्स में सुधार की बात कही है। अब सिर्फ दो जीएसटी स्लैब 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत होंगे। अब जीएसटी स्लैब 12 प्रतिशत और 28 प्रतिशत को समाप्त कर दिया गया है। इन स्लैब में अधिकांश जरूरी चीजें शामिल हैं। विलासिता और हानिकारक वस्तुओं के लिए एक अलग स्लैब होगा, जो 40 प्रतिशत है वही पूरे देश में जीएसटी में बदलाव का फैसला 22 सितंबर से लागू होगा। तो आइये जानते हैं कि जीएसटी कम होने के बाद क्या-क्या सस्ता होगा और क्या महंगा?

- Advertisement -Ads

क्या-क्या सस्ता: रोटी, पराठा से लेकर हेयर ऑयल, आइसक्रीम और टीवी तक आम उपयोग की वस्तुएं सस्ती होंगी। वहीं पर्सनल हेल्थ और जीवन बीमा प्रीमियम पर टैक्स से पूरी तरह से राहत मिलेगी। जिन वस्तुओं पर जीएसटी घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है, वे हैं हेयर ऑयल, टॉयलेट सोप, साबुन की टिकिया, शैंपू, टूथब्रश, टूथपेस्ट, साइकिल, टेबलवेयर, किचनवेयर और अन्य घरेलू सामान।

 

जिन वस्तुओं पर जीएसटी 5 प्रतिशत से घटाकर शून्य कर दिया गया है, वे हैं दूध, ब्रेड, छेना और पनीर। सभी भारतीय रोटियों पर जीएसटी शून्य होगा। यानी रोटी हो या पराठा या जो भी हो, उन सभी पर जीएसटी शून्य होगा। जीएसटी 12 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत या 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है। खाद्य पदार्थ नमकीन, भुजिया, सॉस, पास्ता, इंस्टेंट नूडल्स, चॉकलेट, कॉफी, संरक्षित मांस, कॉर्नफ्लेक्स, मक्खन, घी, ये सभी 5 प्रतिशत जीएसटी के दायरे में हैं। 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत जीएसटी में एयर कंडीशनिंग मशीनें, टीवी, डिशवॉशिंग मशीनें, छोटी कारें, मोटरसाइकिलें शामिल हैं।33 जीवन रक्षक दवाओं पर जीएसटी 12 प्रतिशत से घटकर शून्य हो गया है।

 

 

0 फीसदी स्लैब में आने वाले सामान
– 33 जीवन रक्षक दवाएं, कैंसर की दवाएं, दुर्लभ बीमारियों की दवाएं,
– व्यक्तिगत जीवन बीमा, स्वास्थ्य पॉलिसियां
– मानचित्र, चार्ट, ग्लोब, पेंसिल, शार्पनर, क्रेयॉन, पेस्टल, अभ्यास पुस्तिकाएं, नोटबुक, रबड़
– दूध, छेना या पनीर, पहले से पैक और लेबल वाला, पिज्जा ब्रेड, खाखरा, चपाती या रोटी

5 फीसदी स्लैब में आने वाले सामान
– बालों का तेल, शैम्पू, टूथपेस्ट, टॉयलेट साबुन, टूथब्रश, शेविंग क्रीम
– मक्खन, घी, पनीर और डेयरी स्प्रेड, नमकीन, बर्तन
– दूध की बोतलें, शिशुओं के लिए नैपकिन और क्लिनिकल डायपर
– सिलाई मशीनें और उनके पुर्जे
– थर्मामीटर, मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन, सभी डायग्नोस्टिक किट और अभिकर्मक, ग्लूकोमीटर और टेस्ट स्ट्रिप
– चश्मा
– ट्रैक्टर के टायर, पुर्जे, ट्रैक्टर
– निर्दिष्ट जैव-कीटनाशक, सूक्ष्म पोषक तत्व
– टपक सिंचाई प्रणाली और स्प्रिंकलर
– मिट्टी तैयार करने के लिए कृषि, बागवानी या वानिकी मशीनें

18 फीसदी स्लैब में आने वाले सामान
– पेट्रोल, एलपीजी, सीएनजी कारें (1200 सीसी और 4000 मिमी से अधिक नहीं)
– डीजल और डीजल हाइब्रिड कारें (1500 सीसी और 4000 मिमी से अधिक नहीं)
– तीन पहिया वाहन
– मोटरसाइकिल (350 सीसी और उससे कम)
– माल परिवहन के लिए मोटर वाहन
– एयर कंडीशनर
– एलईडी और एलसीडी टीवी सहित टेलीविजन (32 इंच से अधिक)
– मॉनिटर और प्रोजेक्टर
– बर्तन धोने की मशीन
– 1800 से अधिक इंजन क्षमता वाले सड़क ट्रैक्टर सीसी

40 फीसदी स्लैब में आने वाले सामान
– पान मसाला, सिगरेट, गुटखा, चबाने वाला तंबाकू, बीड़ी
– अतिरिक्त चीनी या स्वाद वाले वातित पानी, कैफीनयुक्त पेय पदार्थ, गैर-मादक पेय पदार्थ
– धूम्रपान पाइप
– 350 सीसी से अधिक क्षमता वाली मोटरसाइकिलें
– निजी उपयोग के लिए विमान
– नाव
– रिवॉल्वर और पिस्तौल
– सट्टा, कैसीनो, जुआ, घुड़दौड़, लॉटरी और ऑनलाइन मनी गेमिंग

350 सीसी तक की मोटरसाइकिलें और एयर कंडीशनर, डिशवॉशर और टीवी जैसे उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों पर भी कर को 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। रबड़, मानचित्र, पेंसिल, शार्पनर और अभ्यास पुस्तिकाओं पर 5 प्रतिशत की जगह शून्य शुल्क लगेगा। 1,200 सीसी से ज्यादा और 4,000 मिमी से ज्यादा लंबी सभी गाड़ियों, 350 सीसी से ज्यादा क्षमता वाली मोटरसाइकिल और निजी उपयोग वाले विमानों एवं रेसिंग कारों पर 40 प्रतिशत कर लगेगा।अतिरिक्त चीनी वाले शीतल पेय पदार्थों यानी कोल्ड ड्रिंक पर 40 प्रतिशत कर लगेगा। इलेक्ट्रिक वाहनों पर पहले की तरह पांच प्रतिशत कर लगता रहेगा।

- Advertisement -Ads

ताजा खबर